मूर्ति स्थापना के साथ मनौतियो के राजा का गणेश महोत्सव शुरु

लखनऊ। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से 19वां श्री गणेश महोत्सव शनिवार को झूलेलाल वाटिका निकट हनुमान सेतु के पास शुरु हुआ। कार्यक्रम की शुआत प्रातः 9ः30 बजे विधिविधान से गणपति की मूर्ति स्थापना, श्रंगार एवं पूजन के साथ हुई। बनारस के पंडित कौशल पांडेय के सानिध्य मे अयोध्या वाराणसी के अन्य आचार्यों द्वारा मंत्रों के साथ मूर्ति स्थापना कराई। यजमान के रुप मे अखिलेश बंसल परिवार के साथ पूजन में हिस्सा लिया। मूर्ति स्थापना के समय पण्डाल गणपति बप्पा मोरिया के जयघोष से गूंज उठा।

शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम कोलकाता के संजय शर्मा और लखनऊ के सिद्धू महाराज के निर्देशन में हुये। भजन की शरुआत संजय शर्मा ने गणपति राखो मेरी लाज.., भजन से की। उसके बाद गौरी नन्दन तेरा वंदन.., सुनाया तो पण्डाल में बप्पा के जयकारे गूंज उठा। इसी क्रम में उन्होंने घर में पधारों गजानन.., और मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे.., सुनाया।
संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि हर साल करीब 82 हजार चिट्ठियां लिखी जाने वाले बप्पा के दरबार में इस बार लाखों भक्तों के आने की उम्मीद है। इसके अलावा काफी संख्या मे दुकानें चाट, फास्ट-फ्रूड एवं आइस्क्रीम की दुकाने व उनके पसन्द की सामग्री भी मिलेगी। पण्डाल के बाहर महोत्सव का स्र्प दिया गया है। महिला एवं बच्चों के लिए विशेष प्रकार के झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा फूड जोन, किड्स जोन, गेम जोन, शापिंग जोन, लाइव प्रोग्राम नृत्य नाटिका एवं भजन, सिंगर सेलेब्रिटी मुख्य आकर्षण है। महामंत्री सतीश अग्रवाल ने बताया कि श्रंगार एवं आरती प्रतिदिन प्रातः 10 बजे एवं सायं 6ः00 बजे होगी। इसमें सभी श्रद्धालु भाग ले सकते हैं । इसके अलावा प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे एवं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक तक मनौतियों के राजा के दर्शन होंगे। विगत वर्षो की भांति इस बार भी मनोतियों के राजा श्री गजानन के नाम चिट्ठी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6ः00 बजे तक श्रद्धालु लिख सकते हैं।
इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष घनश्यामदास अग्रवाल, उपाध्यक्ष व पार्षद रंजीत सिंह, कमेटी के सदस्य संजय सिंह गांधी, देशराज अग्रवाल, जयकरण सिंह, मुकेश शुक्ला, मुकेश जिन्दल, शरद अग्रवाल, योगेश बंसल, अजय अग्रवाल, अतुल बंसल, नीलेश अग्रवाल टाटा, रामशंकर वर्मा, नरेश अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, सुधांशु बाथम, रोहित अग्रवाल मौजूद रहे।


