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आनलाइन पेमेंट गेटवे हेतु राजस्व परिषद व एस.बी.आई. के मध्य हुआ अनुबंध

विभागीय अभिलेखों तक चौबीस घंटे होगी पहुंच

लखनऊ : आयुक्त और सचिव राजस्व परिषद एस.वी.एस रंगा राव ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा आमजन की सुविधा के लिए विभागीय सेवाओं को सतत रूप से आनलाइन किया जा रहा है। उक्त सेवाओं के सापेक्ष हितबद्ध व्यक्तियों को कम्प्यूटरीकृत अभिलेखों एवं प्रमाण पत्रों की प्रमाणित प्रतियां आन लाईन 24×7 मोड में उपलब्ध कराने हेतु आनलाइन पेमेन्ट गेटवे को लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में परिषद द्वारा एसबीआई से आन लाईन पेमेन्ट गेटवे सर्विस लेने की कार्यवाही की गई। उक्त सर्विस को उपलब्ध कराने हेतु  एसवीएस रंगा राव, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उ.प्र. एवं अरूण कुमार साहू, जनरल मैनेजर, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया की उपस्थिति में परिषद एवं एसबीआई के मध्य आज राजस्व परिषद मुख्यालय पर अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया।

उन्होंने बताया कि विभागीय सेवाओं हेतु यूजर चार्जेज के संग्रहण हेतु आनलाइन पेमेन्ट गेटवे लागू होने के उपरांत राजस्व परिषद के विभागीय पोर्टल से कम्प्यूटरीकृत राजस्व अभिलेखों के प्राप्त करने की व्यवस्था लागू होने से हितबद्ध पक्षों को तहसील कम्प्यूटर केन्द्र अथवा कॉमन सर्विस सेन्टर पर जाने की न केवल बाध्यता समाप्त हो जायेगी अपितु पारदर्शी एवं बाधारहित तरीके से आमजन की राज्य के द्वारा अनुमत अभिलेखों तक 24×7 मोड में पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग के द्वारा कम्प्यूटरीकृत खतौनी आमजन को उपलब्ध करायी जाती है। इस हेतु आवेदक के द्वारा तहसील कांउटर पर नगद पैसा जमा कर कम्प्यूटरीकृत खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त की जाती है। कंप्यूटरीकृत खतौनी लेने वालों को नक़द धनराशि का भुगतान करने की समस्या से मुक्ति देने हेतु तहसील में यूपीआई और क्यू आर कोड को स्कैन कर डिजिटल मोड में भी प्रयोक्ता प्रभार (यूजर चार्ज) का भुगतान किये जाने की व्यवस्था पूर्व में ही लागू की जा चुकी है। इसी क्रम में तहसील जाने की बाध्यता समाप्त करने हेतु विभागीय पोर्टल से भी कंप्यूटरीकृत खतौनी प्राप्त किये जाने की व्यवस्था लागू की जा रही है। आन लाईन पेमेंट गेटवे की व्यवस्था पूर्णतः कियाशील होने के उपरांत आवेदक के द्वारा कम्प्यूटरीकृत अभिलेख (खतौनी) हेतु निर्धारित प्रयोक्ता प्रभार तथा पेमेंट गेटवे का सेवा प्रभार का आन लाईन भुगतान कर आवेदित अभिलेख की प्रमाणित प्रति आन लाईन प्राप्त की जा सकती है। यू०पी०आई० एवं रूपे डेबिट से भुगतान पर कोई सेवा प्रभार देय नहीं होगा। अन्य माध्यमों यथा-इंटरनेट बैकिंग, केडिट कार्ड,एनईएफटी, कैश से भुगतान पर नाम मात्र का सेवा प्रभार देय होगा।

अनुबन्ध हस्ताक्षर के दौरान परिषद की ओर से टी. के. शिबु, अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, एवं  प्रमोद कुमार पाण्डेय, विशेष कार्याधिकारी तथा एस.बी.आई. की ओर से  रघुराम, उप महाप्रबन्धक एवं  नटराजन, उप महाप्रबन्धक, अविनाश अग्रवाल, सहायक महाप्रबन्धक,  राजीव कुमार, मुख्य प्रबन्धक एवं श्री सन्तोष कुमार मिश्र उपस्थित रहें।

 

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