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शीला क्रियेशन कला प्रशिक्षण केंद्र एवं अनामिका आर्ट गैलरी का भव्य लोकार्पण समारोह 25 मई को

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मातृभूमि योजना के अंतर्गत स्थापित शीला क्रियेशन कला प्रशिक्षण केंद्र एवं अनामिका आर्ट गैलरी का भव्य लोकार्पण समारोह 25 मई 2026 को दोपहर 12:00 बजे मालिहाबाद मार्ग, मोहान (उन्नाव) स्थित परिसर में आयोजित किया जाएगा।

यह केंद्र ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में कला शिक्षा, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर होंगे। अनामिका आर्ट गैलरी का शुभारंभ श्री मनोज कुमार सिंह द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी सच्चिदानन्द हरि साक्षी तथा बृजेश कुमार रावत की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश एवं जनपद प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में सम्मिलित होंगे।


इस सांस्कृतिक पहल की प्रेरणा वरिष्ठ चित्रकार शीला शर्मा हैं, जिनका जीवन संघर्ष, संकल्प और सृजन का प्रेरक उदाहरण है। बाल्यावस्था में एक रेल दुर्घटना में दोनों हाथ खो देने के बावजूद उन्होंने अपने पैरों और मुख को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाकर कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई। लखनऊ कला महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर देश के अनेक प्रतिष्ठित कला केंद्रों में उनकी एकल प्रदर्शनियाँ आयोजित हो चुकी हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार, संस्कृति मंत्रालय की जूनियर फैलोशिप और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की फैलोशिप सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं।
केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। वहीं अनामिका आर्ट गैलरी क्षेत्रीय, समकालीन एवं दिव्यांग कलाकारों की कला को व्यापक मंच प्रदान करेगी। यह पहल कला के विकेंद्रीकरण तथा सांस्कृतिक अवसरों को महानगरों से बाहर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस स्वप्न को साकार करने में इनके जीवनसाथी मूर्तिशिल्पी सुधीर शर्मा का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने न केवल इस परियोजना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि युवा कलाकारों के मार्गदर्शक के रूप में भी निरंतर योगदान दिया है। परिवार की नई पीढ़ी भी इस सांस्कृतिक अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ ही केंद्र के निर्माण में स्वयं शीला शर्मा ने आर्थिक सहयोग प्रदान कर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। भविष्य में परिसर में साहित्य और कला की विभूतियों को समर्पित भित्ति-चित्र, अतिथि गृह तथा विविध सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के आयोजन की भी योजनाएँ प्रस्तावित हैं।
कला, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सभी गणमान्य नागरिकों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं आमजन को इस अवसर पर सादर आमंत्रित किया गया है।

 

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