नगर भ्रमण पर निकले जग के नाथ, श्री माधव मंदिर से निकली भव्य श्री जगन्नाथ रथ यात्रा
फूलों की वर्षा, इत्र छिड़काव, डमरुओं की गूंज और 56 भोग के साथ भक्तिमय बना डालीगंज

लखनऊ। डालीगंज स्थितgfgt श्री माधव मंदिर के 65वें वार्षिकोत्सव एवं श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र (बलदेव) की भव्य रथ यात्रा अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। शाम को घुमड़ते बादलों और हल्की बारिश की फुहारों के बीच जब भगवान श्री जगन्नाथ सुसज्जित रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले तो पूरा क्षेत्र “जय जगन्नाथ”, “जय माई सुभद्रा” और “जय बलदेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर भगवान का नगर भ्रमण प्रारंभ कराया और मार्गभर पुष्पवर्षा, इत्र वर्षा तथा स्वर्णिम झाड़ू सेवा से उनका भव्य स्वागत किया।gghh7
रथ यात्रा से पूर्व श्री माधव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन, महाआरती एवं भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इसके उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र को आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नीरज सिंह, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, उत्तर विधानसभा विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य राम चंद्र प्रधान, अवनीश कुमार सिंह, बिहारी लाल साहू, भारत भूषण गुप्ता, ओमकार जायसवाल, घनश्याम दास अग्रवाल (गुड्डा), श्याम साहू, घनश्याम अग्रवाल, गोविंद साहू, श्याम जी साहू एवं अनुराग साहू सहित अनेक श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 101 बूंदी के लड्डुओं का विशेष भोग भी श्री राधा माधव सेवा संस्थान द्वारा अर्पित किया गया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं व्यापारियों ने भगवान का भव्य स्वागत किया तथा पुष्पवर्षा, इत्र छिड़काव और आरती के माध्यम से अपनी श्रद्धा अर्पित की।
रथ यात्रा में सबसे आगे 15 फीट ऊंचा श्री हनुमान ध्वज श्रद्धा और सनातन गौरव का संदेश देता हुआ चल रहा था। उसके पीछे 100 से अधिक श्रद्धालु हाथों में ध्वज लेकर “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ पूरे उत्साह और भक्तिभाव से यात्रा में शामिल हुए। ध्वजवाहकों की यह अनुशासित और भव्य टोली श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
रथ यात्रा में प्रस्तुत पारंपरिक ‘फरुवाही नृत्य’ ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और आयोजन की विशेष पहचान बना। वहीं प्रीति जायसवाल एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत विविध लोकनृत्यों ने भारतीय संस्कृति की रंग-बिरंगी छटा बिखेरते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।यू
समाजसेवी एवं पार्षद रंजीत सिंह की संस्था “स्वच्छ गोमती–निर्मल गोमती” ने यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
रथ यात्रा में भजन गायक दीपक सिंह ग्रुप पूरे मार्ग में भगवान श्री जगन्नाथ के भजनों की संगीतमय प्रस्तुति देता चला, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। इस वर्ष कई विशेष आकर्षण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। सबसे आगे नासिक ढोल दल की मनमोहक प्रस्तुति ने वातावरण को उत्साह से भर दिया, जबकि वानर सेवा दल “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ यात्रा में शामिल रहा। उज्जैन की तर्ज पर डमरुओं की गूंज के बीच महाआरती का दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया।
रथ यात्रा में विंटेज कार पर सजी भगवान राधा-कृष्ण, भगवान शिव एवं श्री हनुमान की आकर्षक झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं 15 फीट ऊंचा हनुमान ध्वज पूरे मार्ग में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बना रहा। श्रद्धालु हाथों में आरती की थाल लिए भगवान के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। बड़ी संख्या में मोबाइल फोटोग्राफी के शौकीनों ने रथ यात्रा के मनोहारी दृश्यों को अपने कैमरों में कैद किया।
वहीं उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता एवं ओमकार जायसवाल ने बताया कि रथ यात्रा का सीधा प्रसारण फेसबुक पेज RadhaMadhavLKO पर किया गया, जिसे देश-विदेश सहित हजारों श्रद्धालुओं ने लाइव देखा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को जामुन, मीठे चावल और बूंदी का महाप्रसाद वितरित किया गया। डालीगंज क्षेत्र के व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
राकेश साहू ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ की यह रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और संस्कृति का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
इस अवसर पर अनुराग साहू, दिनेश अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, गोविंद साहू, ओमकार जायसवाल, श्याम जी साहू, मनोज साहू, राकेश साहू, माया आनंद सहित श्री राधा माधव सेवा संस्थान के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।ççç



