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बजट में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन हेतु 818.75 करोड़ रुपये प्रस्तावित : कपिल देव अग्रवाल 

लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशव विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को हुनरमंद बनाने एवं उन्हें स्वरोजगार व रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनायें संचालित कर बजट की व्यवस्था की जा रही है। 7 लाख 36 हजार 437 करोड़ 71 लाख रूपये के उत्तर प्रदेश बजट में युवाओं के साथ अन्य सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने समावेशी बजट के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष और वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया है।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था हेतु 01 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया है, जिसमें युवाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमान में व्यावसायिक शिक्षा तथा कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रवीण योजनान्तर्गत माध्यमिक स्तर के 301 राजकीय विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की गयी है। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी कौशल आधारित पाठ्यक्रम बीबीए (रिटेल), बीबीए (लॉजिस्टिक), बीबीए (हेल्थकेयर) एवं बीबीए (टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी) के लिये 113 महाविद्यालयों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिये कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिये व्यावहारिक या वोकेशनल ओरियेंटेशन कार्यक्रम तथा माध्यमिक स्तर पर वित्तीय वर्ष 2024-2025 में व्यावसायिक शिक्षा योजना के सुदृढ़ीकरण हतु विद्यालयों को हब एवं स्पोक्स मॉडल के रूप में विकसित करते हुये स्थानीय मांग एवं ओडीओपी के अनुरूप अधिकाधिक विद्यार्थियों को जॉब रोल / सेक्टर में नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क एवं नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुसार पाठ्यक्रम संचालित किये जाने की योजना है। इसमें राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से 12वीं उत्तीर्ण करने पर यू०पी० बोर्ड के प्रमाण-पत्र के साथ-साथ कम्प्यूटर शिक्षा में प्रमाण-पत्र प्रदत्त किये जाने पर बल दिया जायेगा।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की सहभागिता से प्रदेश के राजकीय क्षेत्र के 150 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक कार्यशालाओं एवं कक्षा कक्षों का निर्माण अन्तिम चरण में गतिमान है। प्रदेश के अन्य ऐसे अवशेष 69 संस्थान जहां कम से कम 5000 वर्ग फीट की भूमि उपलब्ध है का उन्नयन वित्तीय वर्ष 2024-2025 में कराया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए 818.75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है। अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से युवाओं को उद्योगों में भत्ते के साथ प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के क्रम में मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत 12.15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया जिनमें से 4.13 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया।

 

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