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रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा सालारपुर–अयोध्या कैंट-अयोध्या धाम जं. रेलपथ पर दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण

लखनऊ : उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा यात्री एवं मालवाहक गाड़ियों को समय से पहुंचाने और समय पर चलाने के लिए निरंतर किए जाने वाले दोहरीकरण व विद्युतीकरण कार्यों के अंतर्गत 16 जनवरी 2024 को लखनऊ मंडल द्वारा एक उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की गयी एवं मंडल के सालारपुर– अयोध्या कैंट-अयोध्या धाम जं. के 15.33 किमी. रेलपथ के दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेल मार्ग के कार्य का रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर परिमंडल, श्री दिनेश चंद देशवाल द्वारा निरीक्षण किया गया.

विदित हो कि बाराबंकी से जौनपुर रेल खंड वाया अकबरपुर (237.65 किलोमीटर) में रेलपथ के दोहरीकरण/विद्युतीकरण सबंधी कार्यों के अंतर्गत के इस दोहरीकरण/विद्युतीकरण के कार्य की स्वीकृति के उपरांत बाराबंकी से जौनपुर रेलखंड पर कुल 183.22 किमी का रेल मार्ग दोहरीकृत/विद्युतीकृत हो जायेगा एवं इस रेल मार्ग पर परिचालन संभव हो सकेगा ।

अपने इस निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त,उत्तर परिमंडल, दिनेश चंद देशवाल द्वारा सालारपुर एवं अयोध्या कैंट स्टेशनों का निरीक्षण करते हुए स्टेशन पर पैनल रूम ,संरक्षा अभिलेखों, संरक्षा संबंधी कार्यालयों, संरक्षा के सभी आवश्यक मानकों, संसाधनों, उपकरणों, इत्यादि का विधिवत अवलोकन किया गया इ

उन्होंने रेलपथ सहित अन्य समस्त आवश्यक प्रक्रियाओं का ट्राली द्वारा सालारपुर से अयोध्या कैंट एवं अयोध्या धाम जं. के मध्य गहनता से निरीक्षण किया तथा मार्ग में पड़ने वाले, समपार संख्या 124 C, रेलवे पुल संख्या 314, OHE installation , टर्न आउट, सिग्नलिंग व्यवस्था तथा रेलपथ की संरक्षा की व्यवस्थाओं का भलीभांति जायजा लेते हुए इसकी समीक्षा की एवं इस विषय में आवश्यक सुझाव एवं निर्देश पारित किये इ

इसके अतिरिक्त इस निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने अयोध्या धाम जं. स्टेशन पर पहुंचकर वर्तमान समय में इस स्टेशन पर सम्पन्न किए गए तथा चल रहे विकास कार्यों व सौदर्यीकरण के कार्यों का भी अवलोकन किया I इसके बाद उन्होंने अयोध्या धाम जं. से सालारपुर के मध्य स्पीड ट्रायल किया I इस निरीक्षण में मंडल रेल प्रबंधक, एस.एम.शर्मा एवं मुख्य अभियंता (निर्माण), सुरेश कुमार सपरा भी उपस्थित रहे.

इस दोहरीकरण कार्य के उपरांत यात्रियों की बाराबंकी से होकर अयोध्या होते हुए एवं इस रेलखंड पर आगे की यात्रा अत्यंत सुगम होगी साथ ही गाड़ियों की क्रॉसिंग न होने के कारण इनको अधिकतम गति से संचालित किया जा सकेगा, जिससे परिचालन अधिक संरक्षित एवं समयबद्ध होगा और यात्री तथा मालगाड़ियाँ निर्धारित समय पर अपने गंतव्य पर पहुँच सकेंगी इ

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