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स्वच्छता ही सेवा’ के तहत बी.के. दत्त कॉलोनी में विशेष स्वच्छता अभियान, पार्क के कायाकल्प एवं बेहतर रखरखाव का संकल्प:  कुलजीत सिंह चहल

नई दिल्ली : स्वच्छ भारत मिशन की 12 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा, जो एक अभियान से आगे बढ़कर एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है, को आगे बढ़ाते हुए तथा आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में_ आज बी.के. दत्त कॉलोनी, लोधी रोड, नई दिल्ली स्थित नजफ खान मकबरे से सटे पार्क में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल के नेतृत्व में विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान चलाया गया।

श्री चहल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पार्क की साफ-सफाई एवं नियमित रखरखाव में सुधार लाना तथा इसे स्थानीय नागरिकों के लिए स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। इस विशेष अभियान में एनडीएमसी के स्वास्थ्य, सिविल एवं उद्यान विभागों के संबंधित विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

इस अवसर पर  कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि नजफ खान मकबरे से सटा यह पार्क भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन क्षेत्र के निकट स्थित है और लंबे समय से इसके समुचित रखरखाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। चूंकि यह पार्क एनडीएमसी क्षेत्र में आता है, इसलिए ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत एनडीएमसी ने इसकी साफ-सफाई, रखरखाव और सुधार की दिशा में पहल की है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए केवल नियमित सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों का उचित रखरखाव, नागरिक सुविधाओं में सुधार और हरित क्षेत्रों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से एनडीएमसी के विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ इस पार्क के चरणबद्ध विकास एवं कायाकल्प की दिशा में कार्य करेंगे।

श्री चहल ने बताया कि पार्क के समग्र विकास के लिए सिविल, उद्यान एवं स्वास्थ्य विभागों द्वारा अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्य किए जाएंगे। सिविल विभाग द्वारा पार्क की ग्रिल, चारदीवारी एवं मुख्य प्रवेश द्वार की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान दिया जाएगा। उद्यान विभाग द्वारा घास की देखभाल, झाड़ियों एवं पेड़-पौधों की छंटाई, नए पौधों का रोपण तथा हरित क्षेत्र को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने का कार्य किया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा घास एवं अन्य स्थानों पर जमा कचरे को हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर श्री कुलजीत सिंह चहल ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पार्क परिसर में पीपल का पौधा रोपित किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर स्वास्थ्य और प्राकृतिक संतुलन सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में इस पार्क में एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया जाएगा और पार्क को अधिक हरा-भरा एवं सुंदर बनाने के लिए सभी आवश्यक संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा।

श्री चहल ने कहा कि योजनाबद्ध विकास, नियमित रखरखाव और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के माध्यम से इस पार्क को भविष्य में ‘पीपल पार्क’ के रूप में एक विशिष्ट पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क के विकास में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी और सहयोग भी महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा कि एनडीएमसी का लक्ष्य केवल शहर की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ, सुरक्षित, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इन दोनों के माध्यम से ही एक स्वस्थ, हरित और टिकाऊ नई दिल्ली का निर्माण संभव है।

*43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत “सेवा चित्र” प्रतियोगिताओं का शुभारंभ*

इसी क्रम में श्री कुलजीत सिंह चहल ने आज सरोजिनी नगर स्थित नवयुग स्कूल में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत “सेवा चित्र” प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन एनडीएमसी के कला एवं संस्कृति विभाग तथा शिक्षा विभाग के समन्वय से 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों के विद्यार्थियों की सहभागिता के साथ किया जा रहा है।

श्री चहल ने कहा कि “सेवा चित्र” प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की झलक देखने को मिलेगी। इन चित्रों में सेवा, समर्पण, जनभागीदारी तथा ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा।

इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी सेवा भावना, राष्ट्र निर्माण, नागरिक जिम्मेदारी, स्वच्छ एवं हरित भारत, नवाचार, युवा शक्ति तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता, विचारों और दृष्टिकोण को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत कर सकेंगे। यह पहल विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर भी प्रदान करेगी।

श्री चहल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनमें सेवा, अनुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण के संस्कार विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। कला और रचनात्मक गतिविधियां बच्चों को अपने विचारों एवं सपनों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से एनडीएमसी विद्यार्थियों को ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण से जोड़ने तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि ये “सेवा चित्र” प्रतियोगिता 6 से 10 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित कलाकारों, कला विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं संबंधित विषयों के विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जाएगा। चयनित एवं विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए 17 अक्टूबर, 2026 को विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कार, मेरिट प्रमाण-पत्र एवं सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, चयनित विद्यार्थियों की कलाकृतियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे उनकी रचनात्मक प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके।

इस पहल के अंतर्गत संबंधित एनडीएमसी स्कूल विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने, प्रारंभिक स्तर पर प्रविष्टियों के चयन तथा कलाकृतियों एवं अन्य प्रविष्टियों को प्रस्तुत एवं प्रदर्शित करने के लिए शिक्षा विभाग एवं कला एवं संस्कृति विभाग के साथ समन्वय करेंगे।

एनडीएमसी का यह संयुक्त प्रयास ‘स्वच्छता ही सेवा’ के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ सार्वजनिक स्थलों के निर्माण तथा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नागरिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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