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समाज की दिशा तय करेगी महिलाओं की एकजुटता और आत्मनिर्भरता : डॉ लीना मिश्र

बालिका विद्यालय में “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम के अंतर्गत विविध गतिविधियों का सफल आयोजन

लखनऊ : बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में “नारी शक्ति वंदन” के महत्त्व को केंद्र में रखते हुए एक श्रृंखलाबद्ध एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में नारी के सम्मान, उसकी भूमिका और उसके सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की समस्त शिक्षिकाओं, छात्राओं एवं महिला अभिभावकों ने मिलकर “सशक्त नारी—विकसित भारत” के संदेश को साकार करते हुए एक भव्य मानव श्रृंखला का निर्माण किया। यह दृश्य न केवल सामूहिक चेतना का प्रतीक था, बल्कि यह भी दर्शाता था कि जब महिलाएँ एकजुट होती हैं, तो सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त आधार निर्मित होता है। विद्यालय में संचालित गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के मूल्यों से परिचित कराया गया। विशेष रूप से “मिशन शक्ति” की भावना के अनुरूप छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा स्वयं को मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर यह विचार प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि एक शिक्षित और सशक्त महिला ही राष्ट्र के विकास और समृद्धि की सच्ची आधारशिला होती है। कार्यक्रम के सांस्कृतिक पक्ष को भी विशेष रूप से समृद्ध बनाया गया। छात्राओं ने महान महिला विभूतियों के जीवन पर आधारित लोकगीतों की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें भारतीय नारी की संघर्षशीलता, त्याग और प्रेरणादायी व्यक्तित्व का सुंदर चित्रण देखने को मिला। इसके अतिरिक्त छात्राओं ने “सशक्त भारत, समृद्ध भारत” विषय पर कविताओं का पाठ कर अपने विचारों को सशक्त अभिव्यक्ति दी। विद्यालय में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इन गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक सुदृढ़ता एक-दूसरे के पूरक हैं और स्वस्थ नारी ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। इस संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन मंजुला यादव एवं प्रतिभा रानी के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. लीना मिश्र ने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि बालिकाएँ न केवल देश का भविष्य हैं, बल्कि वे एक बेहतर और संतुलित समाज के निर्माण की वास्तविक शक्ति भी हैं। उन्होंने छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ने और अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम “नारी शक्ति वंदन” की भावना को साकार करते हुए छात्राओं में आत्मविश्वास, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

 

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