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राहुल शर्मा बने “नेचुरल फार्मिंग आइकन”, क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स 2026 में 5एस फार्म को मिली राष्ट्रीय पहचान

एमआईओएनपी प्लेटफॉर्म के तहत मिला सम्मान, सतत खेती, मृदा स्वास्थ्य और रसायन-मुक्त खेती में योगदान की सराहना

नई दिल्ली | 5एस फार्म के संस्थापक राहुल शर्मा को क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स 2026 में फार्म्स श्रेणी के तहत “नेचुरल फार्मिंग आइकन – 2026” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत में प्राकृतिक और सतत खेती को बढ़ावा देने में उनके योगदान को मान्यता देता है।

यह पुरस्कार एमआईओएनपी (मेक इंडिया ऑर्गेनिक, नेचुरल एंड प्रॉफिटेबल) प्लेटफॉर्म के तहत दिया गया, जो देशभर में जैविक और पर्यावरण के अनुकूल खेती को आगे बढ़ाने वाले लोगों को सम्मानित करता है। राहुल शर्मा का काम मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने पर केंद्रित रहा है।

5एस फार्म के जरिए उन्होंने ऐसी खेती को बढ़ावा दिया है, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा हो और साथ ही प्रकृति का संतुलन बना रहे। उनका मॉडल इस बात पर जोर देता है कि किसान पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाते हुए भी अपनी पैदावार और आय बनाए रख सकें।

पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने प्राकृतिक खेती के तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और किसानों को इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम किया है। किसानों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर उन्होंने सतत खेती की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दिया है।

पुरस्कार समारोह के दौरान राहुल शर्मा ने एक हिंदी कविता भी सुनाई, जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। “क्या कभी धरती की सिसकी सुनी है?” से शुरू हुई इस कविता में किसानों और जमीन के दर्द, संघर्ष और उनकी अनसुनी आवाज को सामने लाया गया।

क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाते हैं और उन लोगों को सम्मानित करते हैं, जो खेती के क्षेत्र में नया काम कर रहे हैं और बदलाव ला रहे हैं। राहुल शर्मा को मिला यह सम्मान इस बात को भी दिखाता है कि आज के समय में प्राकृतिक खेती की अहमियत लगातार बढ़ रही है।

इस मौके पर राहुल शर्मा ने इस सम्मान के लिए आभार जताया और कहा कि वे आगे भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई और खेती के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

यह सम्मान उनके सफर में एक अहम पड़ाव है और देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।

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