मानसिक द्वंद्व को समाप्त करता है सुंदरकांड का पाठ : सपना गोयल

लखनऊ । ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में मंगलवार 27 जनवरी को चिनहट के रजत डिग्री कॉलेज के सामने स्थित भव्य सनातन धाम लॉन परिसर में, गुप्त नवरात्र की सप्तमी को आयोजित मासिक आध्यात्मिक संगोष्ठी में “सेवा परमो धर्म” का संदेश देते हुए जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किये गए। इसके साथ ही ऐसी मातृशक्तियां, जो धर्म के प्रचार-प्रसार और सेवा में नि:स्वार्थ भाव से समर्पित हैं, उनका सम्मान करते हुए उन्हें “जय श्री राम” की छवि अंकित वाले, विशेष सिन्दूरी शॉल, अंगवस्त्र के रूप में भेंट किए गए। इस क्रम में उन्होंने बताया कि शनिवार 31 जनवरी को कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगा जी घाट परिसर में वृहद सुंदरकांड पाठ का अनुष्ठान दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। इसमें लखनऊ से जहां पन्द्रह बसों द्वारा मातृशक्तियां रवाना होंगी वहीं प्रदेश भर से भी हजारों की संख्या में मातृशक्तियां इस महा अनुष्ठान में शामिल होंगी।
सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल ने संगोष्ठी में संदेश दिया कि सुंदरकांड से सभी प्रकार के मानसिक द्वंद्व दूर हो सकते हैं। तभी मनुष्य को शान्ति की भी प्राप्ति संभव है। अगर व्यक्ति का मन ही शांत नहीं होगा तो भक्ति का लक्ष्य भी अधूरा ही रह जाएगा। इसलिए सुंदरकांड से न केवल मन की सभी दुविधाएं दूर होती हैं बल्कि मन भी शांत होकर भक्ति में लीन हो जाता है। और फिर सुदंरकांड ही हमें यह भी बताता है कि भक्ति में हमारे आदर्श, हनुमान महाराज जी हैं क्यों कि जब प्रभु राम से कुछ वरदान मांगने का अवसर आया तो पवनपुत्र मारुतिनंदन ने उनसे केवल “भक्ति” मांगी। जिसे प्रभु की भक्ति मिल गई, वह देवी “शबरी”, “जटायु” और “काकभुशुण्डि” की तरह तर गया। वास्तव में सुंदरकांड में सम्पूर्ण विश्व का कल्याण निहित है। इसलिए व्यक्ति को स्व कल्याण एंव सुंदर समाज की कामनापूर्ति के लिए सुंदरकांड का नियमित पाठ अवश्य करना चाहिए।
सपना गोयल के अनुसार उनका एकमात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति हेतु ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ-साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, मातृशक्तियों द्वारा वृहद स्तर पर करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में पांच हजार से अधिक मातृशक्तियों द्वारा लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान सम्पन्न करवाया गया था। इस क्रम में जिलों से दिलों तक को जोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर तीर्थाटन का सिलसिला भी शुरू किया गया है। इसके तहत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, नैमिषारण्य तीर्थ, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर और प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। इसके साथ ही बीते साल 11 सितम्बर से अयोध्या जी में प्रभु राम जी की जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है।



