अमित सिंह को मिला ‘रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान–2026″

लखनऊ । उत्तराखंड मूल के युवा मूर्तिकार अमित सिंह को कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान के लिए “रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान–2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तरायणी कौथिक मेला–2026 की रजत जयंती के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को भारत रत्न पं. गोविन्द बल्लभ पन्त पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, वीरबल साहनी मार्ग, लखनऊ में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अमित सिंह को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र, उत्तराखंड की लोक चित्रकला पर आधारित प्रतीक चिन्ह तथा ₹10,000 की सम्मान राशि प्रदान की। यह निर्णय पर्वतीय महासभा की चयन समिति द्वारा लिया गया, जबकि सम्मान राशि बिष्ट परिवार की ओर से दी गई।

जानकारी देते हुए भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने बताया कि अमित सिंह का जन्म 15 मई 1990 को उत्तरकाशी, उत्तराखंड में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के कला एवं शिल्प महाविद्यालय से वर्ष 2014 में बी.वी.ए. (मूर्तिकला) तथा 2016 में एम.वी.ए. (क्रिएटिव स्कल्प्चर) की उपाधि प्राप्त की। वे देश–विदेश की कई प्रतिष्ठित कला प्रदर्शनियों, रेज़िडेंसी कार्यक्रमों और कला शिविरों में सक्रिय सहभागिता कर चुके हैं। इनमें पड़ाव : आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम (देहरादून एवं ग्रेटर नोएडा), बीएएफ अवॉर्ड प्रदर्शनी, अंतरराष्ट्रीय कला मेला, खजुराहो, राष्ट्रीय समकालीन कला प्रदर्शनी, नागपुर, तथा राज्य ललित कला अकादमी की प्रदर्शनियाँ उल्लेखनीय हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पोलैंड के लेश्नो में छह माह की ईवीएस रेज़िडेंसी, स्टोन कार्विंग स्कल्प्चर कैंप तथा नंदा देवी क्षेत्र सहित विभिन्न कलाकार शिविरों और रेज़िडेंसी कार्यक्रमों में सहभागिता कर अपनी शिल्प-अनुभूति और वैचारिक दृष्टि को निरंतर समृद्ध किया है।
अस्थाना ने सम्मान के बारे में बताया कि वरिष्ठ चित्रकार एवं कला शिक्षक प्रो. रणवीर सिंह बिष्ट कला एवं शिल्प महाविद्यालय, लखनऊ के पूर्व प्रधानाचार्य रहे। वे समकालीन भारतीय कला परिदृश्य में एक संवेदनशील, प्रतिबद्ध और मार्गदर्शक कलाकार के रूप में प्रतिष्ठित थे। पर्वतीय अंचल से गहरे जुड़ाव के कारण उनकी कला में उत्तराखंड की प्रकृति, लोकजीवन, स्मृतियाँ और मानवीय संवेदनाएँ प्रमुखता से अभिव्यक्त होती हैं।
उनकी कला-दृष्टि यथार्थ और अनुभूति के संतुलन पर आधारित रही। रंगों और रेखाओं के माध्यम से उन्होंने स्थानीय संस्कृति और परंपरा को समकालीन भाषा प्रदान की। उनके रचनात्मक योगदान और कला-सेवा की स्मृति में स्थापित “रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान” युवा कलाकारों को प्रेरित करने और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखने का एक सार्थक प्रयास है।
अमित सिंह की कला–यात्रा समकालीन मूर्तिकला में नवाचार, संवेदनशीलता और वैचारिक गहराई के लिए जानी जाती है। इसी रचनात्मक योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।



