जितेंद्र मिश्र भास्वर एवं राजेश राज को सृजन सम्मान

लखनऊ । यूपी प्रेस क्लब एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में 163वें सृजन सम्मान एवं काव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जितेंद्र मिश्र भास्वर को सृजन हिन्दी सम्मान और राजेश राज को सृजन उर्दू सम्मान प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि दूरदर्शन लखनऊ के निदेशक आत्म प्रकाश मिश्र, सृजन के संस्थापक स्माइलमैन सर्वेश अस्थाना एवं हसीब सिद्दीकी ने सम्मानित रचनाकारों को प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र प्रदान किया। रश्मि शरद के संचालन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि सुभाष गुरुदेव ने की। संयोजन सुभाष चंद्र रसिया ने किया।
वर्षा श्रीवास्तव की वाणी वंदना के साथ प्रारंभ हुए काव्य समारोह में सृजन सम्मान से सम्मानित रचनाकारों राजेश राज ने अपने अंदाज में सुनाया- सबसे हम ये बात कहते ही नहीं हैं। होने के आसार लगते ही नहीं हैं। कैसे कोई चूमें क़दमों के निशाने को, वो जमीं पर पाॅंव रखते ही नहीं हैं। जितेंद्र मिश्र भास्वर ने सुनाया- गिरेंगे कांच के बर्तन, हमेशा टूट जाएंगे। नहीं होगा दिलों में प्रेम, रिश्ते छूट जाएंगे। दिखावे से बचें हरदम, कभी अभिमान मत पालें, नहीं यदि संगठित होंगे, विदेशी लूट जाएंगे।
इस अवसर पर प्रमोद श्रीवास्तव, अभय सिंह निर्भीक, योगी योगेश शुक्ल, वर्षा श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव, डॉ. रुद्रमणि सहित अनेक रचनाकार उपस्थित रहे।



