पार्थ गौतम फाउंडेशन ने बरेली में शुरू किया ‘हर घर दिवाली’ अभियान, 2,000 से अधिक लोगों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाने का लक्ष्य

लखनऊ : दिवाली की असली भावना खुशियां बांटने और यह सुनिश्चित करने में है कि त्योहार के उल्लास से कोई भी परिवार वंचित न रहे। इसी सोच के साथ पार्थ गौतम फाउंडेशन ने बरेली में अपने ‘हर घर दिवाली’ अभियान 3.0 की शुरुआत की है। पिछले वर्ष इस पहल के माध्यम से 500 लोगों तक पहुंचने की सफलता के बाद फाउंडेशन ने इस वर्ष अपने अभियान का दायरा चार गुना बढ़ाते हुए शहर में 2,000 से अधिक लोगों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
24 वर्षीय श्री पार्थ गौतम, पार्थ गौतम फाउंडेशन के संस्थापक/अध्यक्ष और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर, के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान सामाजिक विकास में सामुदायिक कल्याण को महत्वपूर्ण स्थान देने की फाउंडेशन की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल के माध्यम से फाउंडेशन त्योहार की खुशियां फैलाने के साथ-साथ करुणा, गरिमा और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को भी मजबूत करना चाहता है।
‘हर घर दिवाली’ अभियान एक सरल लेकिन सार्थक विचार पर आधारित है कि त्योहार की खुशियां तभी वास्तव में खास बनती हैं, जब उन्हें दूसरों के साथ साझा किया जाए। यह पहल केवल जरूरतमंदों को सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य उनमें अपनेपन की भावना पैदा करना और यह सुनिश्चित करना भी है कि आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे परिवार त्योहार से जुड़ी गर्मजोशी और खुशियों का अनुभव कर सकें। पिछले वर्ष के 500 लाभार्थियों की तुलना में इस वर्ष 2,000 लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य फाउंडेशन की जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने और निरंतर सामाजिक कल्याण प्रयासों के माध्यम से अधिक समुदायों तक पहुंचने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पहल के बारे में पार्थ गौतम फाउंडेशन के संस्थापक और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर श्री पार्थ गौतम ने कहा, “दिवाली रोशनी, उम्मीद और एकजुटता का त्योहार है, लेकिन इसका सही अर्थ तभी साकार होता है, जब हम किसी दूसरे के जीवन में खुशियां ला सकें। पिछले वर्ष जब हमने ‘हर घर दिवाली’ की शुरुआत की थी, तब हम 500 लोगों तक पहुंचे थे। उस दौरान लोगों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी ने हमें इस पहल को और बड़े स्तर पर ले जाने के लिए प्रेरित किया। इस वर्ष हमने 2,000 लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है, क्योंकि हमारा मानना है कि ऐसी पहलों का प्रभाव लगातार बढ़ना चाहिए। हमारा उद्देश्य केवल एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है। हम ऐसी संस्कृति विकसित करना चाहते हैं, जहां समाज को वापस देना एक जिम्मेदारी बने और अधिक से अधिक लोग इसे अपनाएं। हर परिवार को खुशी और सम्मान के साथ दिवाली मनाने का अधिकार है और इस अभियान के माध्यम से हम अधिक से अधिक लोगों के लिए इसे संभव बनाने की उम्मीद करते हैं।”
अपने पिता डॉ. उमेश गौतम, बरेली के महापौर और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर, के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर श्री पार्थ गौतम शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में जमीनी स्तर की कल्याणकारी पहलों को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
इस पहल की सराहना करते हुए डॉ. उमेश गौतम, बरेली के महापौर और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर, ने कहा, “किसी भी समाज की असली ताकत इस बात में होती है कि वह अपने लोगों की कितनी परवाह करता है। दिवाली जैसे त्योहार हमें अपने घरों से आगे बढ़कर उम्मीद, दयालुता और खुशियां फैलाने की हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाते हैं। यह देखकर खुशी होती है कि ‘हर घर दिवाली’ अभियान पिछले वर्ष 500 से अधिक लोगों तक पहुंचने के बाद इस वर्ष 2,000 से अधिक लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। ऐसे प्रयास दिखाते हैं कि प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ एक साधारण विचार भी बड़े बदलाव का माध्यम बन सकता है। पार्थ जैसे युवा नेतृत्व को सेवा की इस भावना को आगे बढ़ाते और दूसरों को अधिक समावेशी एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते देखना उत्साहजनक है।”
यह अभियान बरेली में फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे व्यापक सामाजिक कल्याण प्रयासों का हिस्सा है। पिछले एक वर्ष के दौरान पार्थ गौतम फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों के माध्यम से 5,200 से अधिक लोगों को सहायता प्रदान की है। इसके जारी प्रयासों में 4,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा में सहयोग और 1,200 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।
इन पहलों के साथ फाउंडेशन नियमित रूप से कंबल वितरण अभियान, चाय सेवा, भोजन सहायता और मौसमी कल्याण अभियान जैसे सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित करता है, जिनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। ये कार्यक्रम तात्कालिक सामुदायिक जरूरतों के साथ-साथ दीर्घकालिक सामाजिक चुनौतियों के समाधान के प्रति फाउंडेशन के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
‘हर घर दिवाली’ के माध्यम से फाउंडेशन एक अधिक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण के अपने दृष्टिकोण को लगातार मजबूत कर रहा है, जहां त्योहार की खुशियां केवल व्यक्तिगत घरों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचें। एक वर्ष के भीतर अभियान का दायरा 500 लोगों से बढ़ाकर 2,000 से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य बरेली में सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की एक स्थायी संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।


