उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

गौ संरक्षण कार्यों में लापरवाही बरतने पर पशुधन मंत्री ने 06 जनपदों के मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी

वैक्सीन एवं दवाओं की कमी न हो, दवाओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए : धर्मपाल सिंह

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री  धर्मपाल सिंह ने गोशालाओं में गोसंरक्षण कार्यों में उदासीनता, लापरवाही बरतने पर जनपद सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत, फर्रूखाबाद तथा जनपद बदायूं के मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिये हैं। श्री सिंह ने प्रदेश के कई जनपदों से गौ संरक्षण कार्यों में आ रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अप्रसन्नता व्यक्त की है और अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि गोसंरक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अधिकारी प्रतिदिन गौशालाओं का निरीक्षण करें। बाढ़ से प्रभावित जिलों में पशुधन की सुरक्षा हेतु विशेष सतर्कता बरती जाए।

धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गोसंरक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। पशुधन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार पशुधन की सुरक्षा एवं खुरपका, मुहपका एवं अन्य संक्रामक रोगों से उनके बचाव हेतु शत प्रतिशत टीकाकरण कार्य को प्राथमिकता दी जाए। श्री सिंह ने कहा कि पूर्वांचल एवं अन्य स्थानों से पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज के संक्रमण की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल वैक्सीनेशन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाए। किसी भी दशा में संक्रमण फैलने न पाए। किसी भी संक्रामक रोग से पशुधन की हानि न हो। वैक्सीन एवं दवाओं की कोई कमी न हो और दवाओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू के दृष्टिगत प्रदेश के सभी पोल्ट्री फार्मों की कड़ी निगरानी की जाए, इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाये जाए।
श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नियमित रूप से प्रदेश की गौशालाओं का गहन निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान गौशालाओं हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे-चारा, भूसा, प्रकाश, पानी, विद्युत, वर्षा से बचाव, गौवंश के बैठने हेतु स्थान, औषधियां एवं अन्य सभी पर्याप्त व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण हेतु विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गौशालाओं में जाए और जहां कहीं कोई भी कमी या समस्या हो उसका तत्काल निराकरण किया जाए। वर्षा ऋतु में गोवंश के सड़को पर आने की संभावना ज्यादा बनी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रेडियम बेल्ट अभियान में तेजी लाई जाए। श्री सिंह ने कहा कि चारागाह की जमीनों को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोया जाए, जिससे पशुओं को पौष्टिक चारा मिल सके। ईयर टैगिग के कार्य को भी अधिकारी पूरी गंभीरता से करे और इसके लिए भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने मंत्री जी को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनसे प्राप्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षाऋतु के दृष्टिगत गोआश्रय स्थलों में जल भराव न होने पाये और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए। गोशालाओं में मृत गोवंश के शव का तत्काल समुचित निस्तारण होना चाहिए, ताकि अन्य गोवंश में संक्रमण न फैलने पाये। वर्ड फ्लू, एलएसडी, एफएमडी टीकाकरण से संबंधित कार्यों को अधिकारी पूरे मनोयोग एवं संवेदनशीलता से पूर्ण करें एवं राज्य सरकार एवं भारत सरकार द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पांडे, पशुपालन विभाग के निदेशक, प्रशासन एवं विकास योगेन्द्र पवार, सीईओ एलडीवी डा. पी.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button