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संयुक्त निदेशक प्रोफेसर हंसराज सुमन को पंजाब यूनिवर्सिटी में डॉ.अम्बेडकर नेशनल अवॉर्ड मिला 

डॉ. बी.आर.अम्बेडकर स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने प्रो. सुमन को सामाजिक न्याय व पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिया यह सम्मान 

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में गाँधी भवन के संयुक्त निदेशक व अरबिंदो कॉलेज के हिंदी विभाग में प्रोफेसर हंसराज सुमन को डॉ. बी.आर.अम्बेडकर स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा प्रतिष्ठित डॉ. अम्बेडकर नेशनल अवॉर्ड -2026 से सम्मानित किया गया ।

प्रोफेसर हंसराज सुमन को यह सम्मान सामाजिक न्याय व पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिया गया है । फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.नीरज मेहरा ने अपने संबोधन में बताया कि डॉ. अम्बेडकर नेशनल अवॉर्ड उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है जिनकी व्यावसायिक निष्ठा , सेवा और उपलब्धियां समाज को प्रेरित करती है और समानता , शिक्षा , सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के मूल्यों को निष्पक्ष तरीके से बढ़ावा देती है । आपका प्रभावशाली कार्य इन आदर्शों को पूर्णतया मूर्त रूप देता है जिससे हमारे राष्ट्र के सामाजिक – सांस्कृतिक तानें – बाने को मजबूती मिलती है ।

फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.नीरज मेहरा ने अपने संबोधन में प्रो. हंसराज सुमन के द्वारा शिक्षा व अकादमिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की ,और कहा कि उन्हें सम्मानित करके सम्मान स्वयं गौरवान्वित हुआ है। यह सम्मान प्रो. हंसराज सुमन के शैक्षणिक नेतृत्व, उच्च शिक्षा के उन्नयन तथा विश्वविद्यालय के अकादमिक व संस्थागत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रतिफल है। उनके नेतृत्व में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध व नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति की दिशा में अग्रसर है। प्रो.सुमन, संयुक्त निदेशक गाँधी भवन को प्राप्त इस प्रतिष्ठित सम्मान से दिल्ली विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष व गौरव का वातावरण है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करने वाली है।

100 से अधिक मिल चुके हैं राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय सम्मान — प्रो. हंसराज सुमन को सामाजिक न्याय , समाजसेवा , साहित्य , नाटक और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर 100 से अधिक सम्मान मिल चुके हैं । बता दें कि प्रो. सुमन दिल्ली विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण नाम है। ये पिछले तीन दशकों से अधिक सामाजिक न्याय , पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं । इनकी हाल ही में पत्रकारिता पर एक पुस्तक न्यू मीडिया पर प्रकाशित हुई है । ये दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध अरबिंदो कॉलेज के हिंदी विभाग में प्रोफेसर और दिल्ली विश्वविद्यालय के गाँधी भवन में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं । इसके अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों में मीडिया अध्ययन , पाठ्यक्रम का निर्माण व सेमिनार में पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर अपना पक्ष रखते हैं । प्रो. हंसराज सुमन का दिल्ली सरकार का सर्वोच्च डॉ. भीमराव अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है । इसके अलावा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं । डॉ. अम्बेडकर नेशनल अवॉर्ड मिलने पर प्रो. सुमन को बधाई और शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है । प्रो. के. पी. सिंह, प्रो. मनोज कुमार कैन, डॉ. प्रशांत बर्थवाल , डॉ. शशिकांत , प्रो. गीता सहारे , डॉ. आर के त्रेहन , डॉ.श्रीनिवास प्रधान-360 , डॉ. सुनील गुप्ता , प्रो. सीमा कौशिक , प्रो. वीरेंद्र यादव आदि ने डॉ. अम्बेडकर नेशनल अवॉर्ड की बधाई दी ।

सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति आयोग ( हरियाणा ) की चेयरपर्सन श्री मती बंतो कटारिया , विशिष्ट अतिथि , अल्फा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अजय रंगा , अतिथि , डॉ. राकेश मलिक , निदेशक, फिजिकल एंड स्पोर्ट्स व डॉ. के.पी.चौधरी आदि ने प्रोफेसर हंसराज सुमन को स्मृति चिन्ह , फाउंडेशन का प्रमाण पत्र तथा पेंटिंग प्रदान की गई ।समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में विद्वतजन, शिक्षाविद् व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्रीमती बंतो कटारिया ने अपने संबोधन में सभी सम्मानित हुए सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है , उन्होंने आजीवन समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया और जिसे समाज से उन बुराइयों को दूर किया । उन्होंने बताया कि उनका परिवार बहुत गरीबी में रहते हुए उनके माता पिता ने उन्हें पढ़ाया । डॉ. अम्बेडकर , ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले , संत कबीर साहेब, संत शिरोमणि गुरु रविदास और आजादी के आंदोलन में शहीद हुए शहीदों की कहानियां घर पर सुनती थीं । उन्होंने कहा कि आज मैं जो कुछ हूं उसमें बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का योगदान है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता । अल्फा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अजय रंगा ने कहा कि समाज के सभी वर्गो को प्रतिनिधित्व देने वाले स्पोर्ट्स फाउंडेशन बहुत कम हैं । यह फाउंडेशन खेलों में हर व्यक्ति को लेकर चल रहा है , इन्हें बधाई देता हूं । उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर ने भी अपने समय में महार स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना की थी जिसमें समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया । प्रो. रंगा ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि खेलों में आज महिला , पुरुष में अंतर किया जा रहा है । खेल में जो स्थान हमारी बालिकाओं को मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा , उन्होंने फाउंडेशन को हर संभव मदद करने का वायदा किया । डॉ. केपी चौधरी , फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री भारत कुमार आदि ने भी खेलों के महत्व पर अपने विचार रखें ।

 

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