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वाम दलों की पहल पर सुरजीत भवन नई दिल्ली में आयोजित हुआ आवास के अधिकार पर कन्वेंशन

नई दिल्ली : दिल्ली शहर में झुग्गी बस्तियों/ मजदूर बस्तियां, कच्ची कॉलोनियों व पुनर्वास कॉलोनियों में मेहनतकश लोगों के घरों को उजाड़े /तोड़े जाने के खिलाफ एवं सम्मानजनक आवास के अधिकार पर वामपंथी पार्टियों की संयुक्त पहल पर सुरजीत भवन नई दिल्ली पर 17 अगस्त 2025 को कन्वेंशन आयोजित किया गया।

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी दिल्ली राज्य सचिव कामरेड अनुराग सक्सेना ने कहा कि बीते तीन महीना से देश की राजधानी दिल्ली में मजदूर- मेहनतकशों की बस्तियों को सरकार द्वारा उजाडा जा रहा है झुग्गी बस्तियां, कच्ची कॉलोनियों, बाजारों इत्यादि को अवैध, हरित पट्टी, ओजोन, सरकारी भूमि इत्यादि कहकर केंद्र सरकार और दिल्ली की राज्य सरकार हजारों मजदूरों के घरों को उजाड़ रही है। उजाड़े गए लोगों में से बहुत ही कम लोगों को आवास दिया जा रहा है और बाकियों को दस्तावेज की कमी बताकर आवास के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) पार्टी की राष्ट्रीय नेता पूर्व सांसद कामरेड वृंदा करात ने कहा कि केंद्र व दिल्ली सरकार मजदूर बस्तियों को तोड़कर सिर्फ पूंजीपति वर्ग के हित में काम कर रही है उन्होंने कहा आवास का अधिकार हर इंसान का मूलभूत अधिकार है इस अधिकार को हासिल करने के लिए दिल्ली की स्लम बस्तियों में रहने वाले मजदूर मेहनतकशो और विभिन्न संगठनों, पार्टीयों के लोगों को एकजुट होकर संघर्ष में उतरने की जरूरत को उन्होंने रेखांकित किया।
कन्वेंशन के बारे में जानकारी देते हुए सीपीएम नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि आवास के अधिकार पर हुआ सम्मेलन पूर्ण रूप से सफल रहा सम्मेलन में दिल्ली के विभिन्न मजदूर बस्तीयों/ कॉलोनी के नागरिकों, वामपंथी पार्टियों के कार्यकर्ताओं, विभिन्न जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सम्मेलन में कई लोगों ने सवाल उठाया कि हमारे घरों को उजाड़ने से पहले हमें आवास दिए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ उन्होंने सवाल करते हुए कहा अगर हमारा घर अवैध है तो हमारे वोट से बनी सरकार वेध कैसे हो सकती है? मजदूरों के घरों को अवैध कहकर उजाडना बंद करो, उजाड़े गए मजदूरों का सभी मूलभूत सुविधाओं समेत बिना शर्त पुनर्वास करो, विकास के नाम पर मजदूरों के घरों का विनाश करना बंद करो आदि गगन भेदी नारों के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
सम्मेलन को वामपंथी पार्टियों, विभिन्न जन संगठनों के नेताओं ‌और मजदूर बस्तीयों/कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।

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