कुंभ के लिए जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर बड़ी संख्या में चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेनें, मुख्यमंत्री कर रहे हैं समीक्षा : अश्विनी वैष्णव
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में रेल बजट 18 गुना बढ़ा, प्रदेश में पिछले 10 सालों में 4,900 किलोमीटर की रेल पटरियाँ बिछाई गयीं : अश्विनी वैष्णव

गोरखपुर : केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्राॅनिक और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल के विकास के लिए कुल 92,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीए के कार्यकाल 2004 से 2014 में उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए 1,109 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में बढ़ाकर 19 हजार 848 करोड़ रूपये कर दिया गया है, जो कि पिछली सरकार की तुलना में 18 गुना ज्यादा है।

श्री वैष्णव ने 24 जुलाई, 2024 को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर, उत्तर-मध्य एवं पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक एवं मंडल रेल प्रबन्धक की उपस्थिति में स्थानीय पत्रकारों को बजटीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 4,900 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं जो कि पूरे स्विट्जरलैंड के रेलवे ट्रैक की लंबाई से अधिक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी ब्राॅड गेज रेल ट्रैकों/मार्गों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। रेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में 1490 फ्लाईओवर/अंडरपास का निर्माण हुआ है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन सुगम हुआ है और दुर्घटनाओं की संख्या कम हुई है।
कुंभ के लिए जनप्रतिनिधियों से किया जाएगा संवाद, चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, मुख्यमंत्री कर रहें हैं समीक्षा माननीय केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्राॅनिक और आईटी मंत्री l वैष्णव ने कहा कि कुंभ सुगम रूप से चलें और श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए 40 से भी अधिक प्रोजेक्ट्स को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के रेलवे स्टेशन का विभिन्न चरणों में पुनर्विकास होगा। श्री वैष्णव ने कहा कि कुंभ की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री स्वयं कर रहें है, कहीं कोई कमी न रहें इसके लिए जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया जा रहा है।
157 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा
अछनेरा, आगरा कैंट, आगरा किला, ऐशबाग जं., अकबरपुर जं., अलीगढ़, अमेठी, अमरोहा, आनंद नगर जं., आंवला, आज़मगढ़, बाबतपुर, बछरावां, बदांयू, बादशाहनगर, बादशाहपुर, बहेड़ी, बहराइच, बालामऊ जं., बलिया, बलरामपुर, बनारस, बांदा, बाराबंकी जं., बरेली, बरेली सिटी, बढ़नी, बस्ती, बेल्थरा रोड, भदोही, भरतकुंड, भटनी, भूतेश्वर, बिजनोर, बुलन्दशहर, चंदौली मझवार, चंदौसी, चिलबिला, चित्रकुट धाम कर्वी, चोपन, चुनार जं., डालीगंज, दर्शननगर, देवरिया सदर, धामपुर, दिलदारनगर, इटावा जं., फर्रुखाबाद, फतेहाबाद, फतहपुर, फतहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गढ़मुक्तेश्वर, गौरीगंज, घाटमपुर, गाजियाबाद, गाज़ीपुर सिटी, गोला गोकर्णनाथ, गोंडा, गोरखपुर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, गुरसहायगंज, हैदरगढ़, हापुड, हरदोई, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा जंक्शन, इज्जतनगर, जंघई जंक्शन, जौनपुर सिटी, जौनपुर जंक्शन, कन्नौज, कानपुर अनवरगंज, कानपुर ब्रिज लेफ्ट बैंक, कानपुर सेंट्रल, कप्तानगंज जंक्शन, कासगंज जंक्शन, काशी, खलीलाबाद, खोरासों रोड, खुर्जा जंक्शन, कोसी कलां, कुंडा हरनामगंज, लखीमपुर, लालगंज, ललितपुर जंक्शन, लंभुआ, लोहता, लखनऊ (चारबाग, एन.आर.), लखनऊ सिटी, लखनऊ जंक्शन (एन.ई.आर.), मगहर, महोबा जंक्शन, मैलानी जंक्शन, मैनपुरी जंक्शन, मल्हौर, मानक नगर, मानिकपुर जंक्शन, मारियाहू, मथुरा जंक्शन, मऊ जंक्शन, मेरठ सिटी जंक्शन, मिर्ज़ापुर, मोदीनगर, मोहनलालगंज, मुरादाबाद जंक्शन, मुजफ्फरनगर, नगीना, नजीबाबाद जंक्शन , निहालगढ़, उरई, पनकी धाम, फाफामऊ जं., फूलपुर, पीलीभीत जं., पुखरायां, प्रतापगढ़ जं., प्रयाग जं., प्रयागराज जं., पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रायबरेली जंक्शन, राजा की मंडी, रामघाट हॉल्ट, रामपुर जंक्शन, रेनुकूट, सहारनपुर जंक्शन, सलेमपुर, स्योहारा, शाहगंज जंक्शन, शाहजहाँपुर, शामली, शिकोहाबाद जंक्शन, शिवपुर, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर जंक्शन, सोनभद्र, श्रीकृष्ण नगर, सुल्तानपुर जंक्शन, सुरेमनपुर, स्वामीनारायण छपिया, तकिया, तुलसीपुर, टूंडला जंक्शन, उझानी, ऊंचाहार, उन्नाव जंक्शन, उतरेटिया जंक्शन, वाराणसी कैंट, वाराणसी सिटी, विंध्याचल, वीरांगना लक्ष्मीबाई, व्यासनगर, जफराबाद। जिनमें से अयोध्या धाम जंक्शन एवं गोमती नगर स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूरा कर यात्री जनता के लिये खोल दिया गया है।
24 जुलाई, 2024 को महाप्रबन्धक सभा कक्ष, गोरखपुर में प्रेस काॅन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुये महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे सुश्री सौम्या माथुर ने कहा कि माननीया वित्त मंत्री, भारत सरकार सुश्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई, 2024 को वर्ष 2024-25 हेतु देश का आम बजट प्रस्तुत किया। इस आम बजट में उन्होंने भारतीय रेल के पूंजीगत व्यय के लिये कुल रू 2,62,200 करोड़ धनराशि का रिकाॅर्ड आवंटन किया है।
पूंजीगत व्यय आवंटन के फलस्वरूप भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1,588 मीट्रिक टन का अभूतपूर्व सर्वाधिक माल लदान हासिल किया है, जो वर्ष 2014-15 में 1,095 मीट्रिक टन था तथा भारतीय रेल वर्ष 2030 तक 3,000 मीट्रिक टन माल लदान के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
इस आम बजट में रेल संरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत रेल पथ नवीनीकरण, सिगनल व्यवस्था में सुधार, आर.ओ.बी./आर.यू.बी., इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार आदि के कार्य सम्मिलित हैं। इस बजट से रेलवे को एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है। जैसा कि आप सभी जानते हैं रेलवे कम आय एवं मध्यम आय वर्ग के परिवहन का प्रमुख साधन है, इसे ध्यान में रखकर इस वर्तमान वित्त वर्ष में 2,500 सामान्य कोच बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके उपरांत 10,000 अतिरिक्त कोच बनाने पर भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
भारतीय रेल ने बुनियादी ढांचे के विकास हेतु नया दृष्टिकोण अपनाया है।
आप सभी को विदित है कि 01 फरवरी, 2024 को देश का अन्तरिम बजट प्रस्तुत किया गया था। इस अन्तरिम बजट में पूर्वोत्तर रेलवे पर नई लाइन निर्माण, दोहरीकरण, तीसरी लाइन एवं आमान परिवर्तन सहित निर्माण परियोजनाओं, रेल संरक्षा, रेल पथ नवीनीकरण, आर.ओ.बी./आर.यू.बी., पुलों के सुदृढ़ीकरण, यातायात सुविधाओं के विस्तार, सिगनल एवं दूर संचार कार्य, कर्मचारी कल्याण आदि के लिये धनराशि का आवंटन किया गया था।
सतत रूप में पर्याप्त बजट के आवंटन के फलस्वरूप, पूर्वोत्तर रेलवे पर गत वर्षों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, मीटर गेज लाइनों को ब्राॅड गेज में परिवर्तित किया गया है। वाराणसी मंडल एवं इज्जतनगर मंडल पूर्ण रूप से ब्राॅड गेज मंडल में परिवर्तित हो गये हैं, लखनऊ मंडल के बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोेड खंड के गेज कन्वर्जन का कार्य प्रगति पर है, नानपारा-मैलानी खंड को मीटर गेज में संरक्षित किया गया है।
तीसरी लाइन निर्माण एवं दोहरीकरण के कार्यों में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप लाइन क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई है। गोंडा कचहरी-करनैलगंज (23.65 किमी.) तीसरी लाइन का निर्माण पूरा कर माह जुलाई, 2024 में ट्रेनों के आवागमन के लिये खोल दिया गया है।

नई लाइनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिये आवश्यकतानुसार बजट आवंटित किया जा रहा है। आॅटोमेटिक सिगनलिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। इस रेलवे पर स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। गोमती नगर स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। गोरखपुर जं. स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य चल रहा है। आर.ओ.बी./आर.यू.बी. का निर्माण कार्य के साथ ही स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं एवं यातायात सुविधाओं के विकास एवं विस्तार का कार्य चल रहा है। पहली आॅटोमेटिक ब्लाॅक सिगनलिंग कमीशन हो गई है।
इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के अपर महाप्रबन्धक दिनेश कुमार सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अभय कुमार गुप्ता, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह, सचिव/महाप्रबन्धक आनन्द ऋषि श्रीवास्तव एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।



