दिल्ली में जिस वाटर बिल सेटलमेंट की जरूरत पड़ रही है वह समस्या केजरीवाल सरकार द्वारा लगवाये एयर फ्लो वाटर मीटर से उत्पन्न हुई है :वीरेन्द्र सचदेवा

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वाटर बिल सेटलमेंट के नाम पर ओछी राजनीति कर रहे जिसका मूल मकसद है अपने और अपनी सरकार के भ्रष्टाचार घोटालों से दिल्ली वासियों का ध्यान भटकाना।

दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने संवाददाता सम्मेलन का संचालन किया और कहा कि एयर फ्लो मीटर घोटाले ने लाखों उपभोक्ताओं को लूटा है और इसकी ए.सी.बी. जांच आवश्यक है। भाजपा प्रवक्ता डा. अनिल गुप्ता एवं शुभेनधू शेखर अवस्थी भी संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आज मुख्य मंत्री द्वारा सर्वदलीय बैठक की बात करना एक छलावा है, वह सर्वदलीय बैठक नही प्रोपेगैंडा बैठक है जिसका प्रयोग आम आदमी पार्टी एवं कांग्रेस के गठबंधन की बिना घोषणा पहली बैठक है।
सचदेवा ने कहा कि दिल्ली की जनता मुख्य मंत्री से जानना चाहती है की यदि उन्हे आज सर्वदलीय बैठक का महत्व दिख रहा है तो कोविडकाल में जब भाजपा ने सर्वदलीय बैठक की मांग की थी तो मुख्य मंत्री चर्चा से क्यों भागे थे ?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि आज दिल्ली में जिस वाटर बिल सेटलमेंट की जरूरत पड़ रही है वह समस्या केजरीवाल सरकार द्वारा लगवाये एयर फ्लो वाटर मीटर से उत्पन्न हुई।
इन एयर फ्लो मीटरों को 2014 तक खुद केजरीवाल फूंक वाला मीटर बताते थे और कहते थे की पानी आये ना आये पानी आने से पहली ही लाइन के हवा प्रेशर से ही इन मीटरों की रीडिंग बढ़ जाती है।
श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि गत दो साल से केजरीवाल चौतरफा भ्रष्टाचार घोटालों के आरोपों से घिरे हैं, वह विपक्ष में बैठी भाजपा के और जनता के प्रश्नों से लगातार भाग रहे हैं और अब जब लोकसभा चुनाव सामने है तो केजरीवाल वाटर बिल सेटलमेंट स्कीम की चर्चा बना अपने भ्रष्टाचार पर जवाबदेही से भाग रहे हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गत 9 साल में केजरीवाल सरकार लगातार दिल्ली जल बोर्ड में घोटाले करती करवाती रही है और एयर फ्लो मीटर लगा कर जनता को लूटना भी उसी घोटाले के खेल का भाग रहा है।
भाजपा अरविंद केजरीवाल को चुनौती देती है कि सर्वदलीय बैठक करनी ही है तो जल बोर्ड के 9 साल के घोटालों पर करें, बंगला निर्माण घोटाले पर करें, शराब घोटाले पर करें, घटिया दवाओं के घोटाले पर करें, पैनिक बटन घोटाले पर करें, मोहल्ला क्लीनिक के पैथ जांच घोटाले पर करें, वक्फ बोर्ड एवं कोविडकाल के घोटालों पर करें हम उस सर्वदलीय बैठक में जरूर शामिल होंगे।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि जलबोर्ड के उपर जब विधानसभा में चर्चा हुई तो मैंने अरविंद केजरीवाल सरकार से सवाल किया कि जो जलबोर्ड 2014 से पहले 600 करोड़ रुपए के मुनाफे में चल रहा था वह अभी 7200 करोड़ रुपए के घाटे में क्यों चल रहा है ? इस सवाल का जवाब अरविंद केजरीवाल के पास नहीं था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने विधानसभा में खुद स्वीकार किया था कि जलबोर्ड द्वारा पानी के गलत बिल भेजे गए हैं तो फिर आज सरकार बिल सेटलमेंट की बात क्यों कर रही है सीधा बिल शून्य करे।
बिधूड़ी ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल को सच में दिल्लीवालों से हमदर्दी है तो पहले जलबोर्ड की चेयरमैन सुश्री आतिशी और डिप्टी चेयरमैन सोमनाथ भारती के खिलाफ कार्रवाई करें और उन्हें पद से बर्खास्त करें। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार पहले खुद ही गलत बिल भिजवाती है और फिर उसे ठीक करने की नाटक करती है। जब अरविंद केजरीवाल जलबोर्ड के चेयरमैन थे तो उस दौरान भी घोटाले हुए एक निजी बैंक के माध्यम से जलबोर्ड के बिल कलेक्शन करने का काम शुरु हुआ जबकि उस बैंक ने एक कंपनी को यह काम दिया लेकिन जो बिल के पैसे कलेक्ट हुए वह जलबोर्ड के खाते में भेजे ही नहीं गए।
विधानसभा में नेता विपक्ष ने कहा कि जल बोर्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने में 2000 करोड़ रुपए का खर्च दिखाकर सीधा 500 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया क्योंकि इसकी अनुमानित लागत 1500 करोड़ रुपये थी। लेकिन इन सभी घोटालो पर अरविंद केजरीवाल विधानसभा में चर्चा क्यों नहीं करते हैं।

वीरेन्द्र सचदेवा एवं रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि कुछ दिन पहले तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस शराब घोटाले, जलबोर्ड घोटाले, बंगला घोटाले जैसे घोटालों पर केजरीवाल सरकार से सवाल पूछती थी. वह अब केजरीवाल सरकार की पिछलग्गू बन गई है. शायद घोटालों का हिस्सा पा गई है।



