180 देशों के एक लाख गीताप्रेमी करेंगे अखंड गीता पाठ

लखनऊ। विश्व इतिहास में पहली बार गीता जयंती महोत्सव पर गीता परिवार के तत्वावधान में विश्व के 180 देशों से एक लाख गीताप्रेमी 42 घंटों तक ऑनलाइन अखण्ड अष्टादश गीता पारायण करेंगे। श्रीमद्भगवद्गीता का प्राकट्य मोक्षदा एकादशी के दिन आज से 5160 वर्ष पूर्व हुआ था। इस वर्ष मोक्षदा एकादशी 22-23 दिसम्बर को रहेगी।

इस अवसर पर गीता परिवार की ओर से शनिवार 23 दिसम्बर प्रात: 6 बजे से 24 दिसम्बर रात्रि 12 बजे तक गीता के सम्पूर्ण 18 अध्यायों का 18 बार अखण्ड पारायण ऑनलाइन जूम एप्प पर 180 देशों के हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, बांग्ला, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, उड़िया, नेपाली, असमिया, मलयालम, सिंधी भाषाओं के 1 लाख से भी अधिक गीता प्रेमी करेगे। श्रीराम मन्दिर के कोषाध्यक्ष व गीता परिवार के संस्थापक स्वामी गोविन्द देव गिरि महाराज कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे।
लखनऊ में गीता जयन्ती पर निमित्त सम्पूर्ण गीता पारायण एवं चिंतन रविवार 24 दिसम्बर को दोपहर 2 से सायं 6 बजे तक कल्याणकारी आश्रम श्रीदुर्गाजी मंदिर शास्त्रीनगर में होगा। गीता परिवार के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. आशू गोयल ने बताया कि
वर्ष 1986 में संस्थापित गीता परिवार के लर्नगीता उपक्रम के अंतर्गत वर्तमान समय में विश्व की सबसे बड़ी गीता कक्षा पूर्णत: नि:शुल्क चलायी जा रही है। ऑनलाइन माध्यम से 8 लाख से अधिक लोग 13 भाषाओं में विभिन्न सत्रों में 8 हजार निष्काम गीतासेवी नित्य दो हजार से भी अधिक कक्षाओं में नि:शुल्क गीता सिखायी जाती है।

वर्ष 2020 में आरम्भ हुए लर्नगीता उपक्रम में 3 से लेकर 93 वर्ष तक के हजारों लोग सम्पूर्ण गीता कंठस्थ कर चुके हैं। लर्न गीता ऐप पर इच्छुक रजिस्टर कर अपनी गीता यात्रा आरम्भ कर सकते हैं। ऑनलाइन घर बैठे सरल ढंग से वैदिक पद्धति से गीता के शुद्ध संस्कृत उच्चारण प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा सिखाई जाती है। भगवान ने स्वयं गीता के 18वें अध्याय के 68वें, 69वें श्लोक में कहा है कि गीता पढ़ने और पढ़ाने वाले सभी लोग भगवान को अत्यंत प्रिय हो जाते हैं।



