पद्मश्री स्व. अनवर जलालपुरी की 76वीं जन्म जयंती पर दास्तान गोई, साज-ए-गजल व सेमिनार आयोजित
हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा "दास्तान गोई, साज-ए-गजल तथा सेमिनार" का आयोजन कैफी आज़मी अकादमी, निशातगंज, लखनऊ में किया गया

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” मंत्र की प्रेरणा से हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व संरक्षक पद्मश्री स्व. अनवर जलालपुरी की 76वीं जन्म जयंती के अवसर पर हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा “दास्तान गोई, साज-ए-गजल तथा सेमिनार” का आयोजन कैफी आज़मी अकादमी, निशातगंज, लखनऊ में किया गया |

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार की गरिमामई उपस्थिति रही |
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान तथा मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा , पूर्व उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, हर्ष वर्धन अग्रवाल, संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट, पदमश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी के परिवार के सदस्यों शाहरयार जलालपुरी, शाहकार जलालपुरी, डॉ. जानिसार आलम तथा ट्रस्ट के आंतरिक सलाहकार समिति के सदस्यों ने दीप प्रज्वलन करके किया |
हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी श्री हर्ष वर्धन अग्रवाल तथा पदमश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी के परिवार के सदस्यों शहरयार जलालपुरी, शाहकार जलालपुरी, डॉ. जानिसार आलम तथा ट्रस्ट के आंतरिक सलाहकार समिति के सदस्यों ने प्रतीक चिन्ह, पुष्प गुच्छ तथा अंग वस्त्र से माननीय मुख्य अतिथि डॉ दिनेश शर्मा जी का स्वागत एवं सम्मान किया | तत्पश्चात मुख्य अतिथि माननीय डॉ दिनेश शर्मा ने अपने कर कमलों से कार्यक्रम “दास्तान गोई, साज-ए-गजल तथा सेमिनार” के प्रतिभागियों का सम्मान किया |

इस अवसर पर हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि, “आज के कार्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को प्रबल करना है और माननीय प्रधानमंत्री परम आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास” को जन-जन तक पहुंचा कर, आम जनमानस को देश हित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना है |
पद्मश्री अनवर जलालपुरी वास्तव में मोहब्बत के सफ़ीर थे | हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ उनका बहुत गहरा नाता था | उसी नाते हमारे बीच अनवर जी के तीनो बेटे शहरयार जलालपुरी, शाहकार जलालपुरी तथा डॉ जानिसार आलम उपस्थित है | अनवर जी ने भगवत गीता को उर्दू में अनुवादित करके पूरे विश्व को भाईचारे और सौहार्द्र का संदेश दिया और इसकी जीती जागती मिसाल अनवर जी द्वारा लिखित पुस्तक “उर्दू शायरी में गीता” का महान संत मुरारी बापू द्वारा विमोचन है | मुरारी बापू कहते है अनवर जलालपुरी ने सम्पूर्ण गीता को बेहद आकर्षक ढंग से पाठको के लिए प्रस्तुत किया है | मेरा यकीन है कि “उर्दू शायरी में गीता” मदीने को काशी और काशी को मदीने तक ले जाएगी | मै कहता हूँ कि श्लोक को लोक तक जाना चाहिए | अनवर जलालपुरी ने इसी काम की शुरुआत की है |

डॉ. दिनेश शर्मा का आशीर्वाद हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट को ट्रस्ट की स्थापना से पूर्व से निरंतर प्राप्त है | हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की उपलब्धियां परम डॉ दिनेश शर्मा जी के मार्गदर्शन का नतीजा है | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से अनवर जलालपुरी जी द्वारा रचित “उर्दू शायरी में गीता” के ऑडियो संस्करण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अनूप जलोटा के स्वर में सजने वाला यह संस्करण निश्चय ही कर्णप्रिय और मनोहारी होगा |
पद्मश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी के सुपुत्र डॉ. जानिसार आलम ने कहा कि आज हमारे वालिद मरहूम पद्मश्री अनवर जलालपुरी के 76वें जन्म जयंती के अवसर पर हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है | मैं ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल तथा न्यासी डॉ रूपल अग्रवाल का बहुत शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने इस कार्यक्रम को आयोजित करने में हमारा मार्गदर्शन किया तथा मैं आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय डॉ दिनेश शर्मा जी, पूर्व उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार का तहे दिल से स्वागत करता हूं और आप सभी विद्वानों एवं श्रोताओं का भी स्वागत करता हूं |”
मुख्य अतिथि दिनेश शर्मा पूर्व उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि दास्तान गो शुजाउर रहमान तथा शाजिया खान ने दास्तान गोई (दास्तान-ए-गीता) की प्रस्तुतीकरण किया जिसके अंतर्गत उन्होंने पद्मश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी की अनुवादित पुस्तक उर्दू शायरी में गीता के श्लोकों को कहानी और शायरी के अनोखे मिश्रण से प्रस्तुत किया |
साज-ए-गजल में पद्मश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी जी की मशहूर गजलों को गजल गायक प्रदीप अली तथा आकांक्षा सिंह ने अपनी कर्णप्रिय आवाज में प्रस्तुत किया | प्रदीप अली ने “मैंकदे से देर से काबा से रुखसत हो गए”, “हवा हो तेज तो शाखों से पत्ते टूट जाते हैं” तथा आकांक्षा सिंह ने “हम्द ना यह दिन ना यह रात बाकी रहेगी ” गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा अनवर साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की |
अनवर जलालपुरी: मोहब्बत के सफीर विषयक सेमिनार में सम्मानित वक्ता गणों ने पदमश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला |
जाने माने उर्दू शायर जनाब वासिफ फारुकी ने अनवर जलालपुरी की शायरी और अदबी ख़िदमात व उनकी शख्सियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि, “अनवर जलालपुरी साहब उच्च कोटि के साहित्यकार, मानवता के पैरोकार, शायर और नाजिम-ए-मुशायरा थे।”
जनाब मनीष शुक्ला ने कहा कि, “पद्मश्री अनवर जलालपुरी साहब अपने आप में मुशायरों की निज़ामत का एक अलग और अज़ीम स्कूल थे |”
मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ इशरत नाहीद ने कहा कि, “अनवर जलालपुरी ने राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने अपना एक अहम किरदार निभाया है | वह आधुनिक दौर के शुद्ध हिन्दुस्तानी संत थे | वह एक ऐसे संत थे जिनकी वाणी ने लोगों के दिलों को आकर्षित ही नहीं किया बल्कि राष्ट्रीयता और मानव प्रेम की भावना को लोगों में जागृत किया | उन्होंने राष्ट्रीय एकता के साथ साथ धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का भी भरपूर प्रयास करते हुए पवित्र क़ुरआन शरीफ़ और श्रीमद् भगवत गीता का उर्दू में काव्यात्मक अनुवाद करके एक दूसरे को समझाने का प्रयास किया |”
अमेरिकन सेंटर लखनऊ के निदेशक डॉक्टर एहतेशाम अहमद खान ने बताया कि, “लेखनी भाषा का एक अहम और बहुत ही खास हिस्सा है | एक सफल लेखक और एक कामयाब शायर अपनी लेखनी या तहरीर में भाषा से चित्रकारी का काम लेता है | लेकिन अपनी आवाज़ से हयात व् कायनात की तस्वीर बनाने का फ़न अगर किसी को क़ुदरत ने निहायत ख़ूबसूरती के साथ बख्शा था तो वह यक़ीनन पदमश्री अनवर जलालपुरी थे |
मुशायरे की दुनिया में अपनी पुरकैफ़ आवाज़ से श्रोताओं की समाअत में सुरूर घोलने का फ़न पद्मश्री अनवर जलालपुरी से बेहतर नहीं मिलता है | वह अंतर्राष्टीय ख्याति प्राप्त उर्दू कवि एवं शायर, मंच संचालक, बेहतरीन वक्ता, टीवी सीरियल संवाद एवं गीत लेखक, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और सबसे बढ़कर एक बेहतरीन इंसान थे |
जनाब आतिफ हनीफ ने कहा कि, “गंगा जमुनी तहज़ीब के अलंबरदार अनवर जलालपुरी | अनवर जलालपुरी ने अपनी शायरी के जरिए हिंदुस्तानी
डॉ मसीहुद्दीन खान ने अनवर जलालपुरी साहब की शख्सियत और उनकी शायरी की अहमियत पर रोशनी डाली |शहरयार जलालपुरी ने सभी का आभार व्यक्त किया |कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मसीहुद्दीन खान ने किया |



