व्यक्तित्व निर्माण छात्र जीवन का अहम हिस्सा : डॉ लीना मिश्र
बालिका विद्यालय में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषय पर कार्यशाला का आयोजन

लखनऊ: यह सच है कि बेटियां पढ़ेंगी, तभी तो आगे बढ़ेगी लेकिन इसके साथ साथ यह भी जरूरी है कि उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो। इसी उद्देश्य और प्रतिबद्धता को लेकर होप इनिशिएटिव गैरसरकारी संस्था की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती आयुषी शुक्ला द्वारा लगभग पचास छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया जिसमें उन्होंने छात्राओं को बताया कि व्यक्तित्व क्या है, व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकार क्या हैं? किसी के व्यक्तित्व का दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ता है, आइडियल और फेवरेट का अंतर क्या है, व्यक्तित्व विकास में SWOT (S=स्ट्रेंथ, W= वीकनेस, O= अपॉर्चुनिटी एवं T= थ्रेट) एनालिसिस की भूमिका क्या है और इससे सेल्फ एनालिसिस कैसे करें आदि आदि। व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं में संचार कौशल, देह भाषा एवं समय प्रबंधन की क्या प्रभावी भूमिका हो सकती है, इस बारे में विस्तार से संवाद हुआ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन की तरफ से विद्यालय में उनका स्वागत करते हुए कहा कि व्यक्तित्व किसी से भी जुड़ने या कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने की चाबी है। किसी के व्यक्तित्व के आधार पर ही उसके पूरे जीवन की राह तय होती है, सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकार बन पाता है। इसलिए बालिका विद्यालय बेटियों के पठन पाठन के साथ ही व्यक्तित्व निर्माण पर भी समानांतर रूप से फोकस करता है। इस संवाद कार्यक्रम में आयुषी शुक्ला ने छात्राओं की अनेक जिज्ञासाओं को भी दूर करने के साथ ही इसको व्यावहारिक जीवन में प्रभावी ढंग से उतार पाने के गुर सिखाए। कार्यक्रम में विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित थीं।



