तमिलनाडु के युवा संगम फेज़-7 प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति भवन में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति से की भेंट

नई दिल्ली : तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों से आए 53 विद्यार्थियों एवं उनके साथ आए पाँच संकाय समन्वयकों के प्रतिनिधिमंडल को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में भेंट करने का विशिष्ट अवसर प्राप्त हुआ। यह भेंट भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रारंभ की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत (EBSB) पहल के अंतर्गत आयोजित युवा संगम फेज़-7 कार्यक्रम के तहत संपन्न हुई। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दिल्ली विश्वविद्यालय के युवा संगम फेज़-7 के नोडल अधिकारी प्रोफेसर के. पी. सिंह ने किया। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय की युवा संगम फेज़-7 की कोर टीम के सदस्यगण तथा शिक्षा मंत्रालय एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने युवा संगम को एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय पहल बताया, जो विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पारस्परिक समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस पहल के पाँच प्रमुख आयामों—5Ps अर्थात् पर्यटन (Paryatan), परंपरा (Parampara), प्रगति (Pragati), परस्पर संपर्क (Paraspar Sampark) एवं प्रौद्योगिकी (Prodyogiki)—के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये आयाम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझने तथा एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को सुदृढ़ करने में सहायक हैं।
युवा संगम टीम को संबोधित करते हुए भारत के माननीय उपराष्ट्रपति ने उन्हें भ्रामक सूचनाओं एवं दुष्प्रचार के प्रति सतर्क रहने, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को आत्मसात करने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र के प्रति सम्मान, भारत की गौरवशाली सभ्यतागत विरासत के प्रति गौरवबोध तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। एक अत्यंत आत्मीय एवं स्मरणीय पहल के अंतर्गत माननीय उपराष्ट्रपति ने प्रत्येक विद्यार्थी को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर आधारित तमिल भाषा में अनूदित पुस्तक तथा एक चॉकलेट भेंट की। माननीय उपराष्ट्रपति के इस स्नेहपूर्ण एवं आत्मीय व्यवहार से विद्यार्थी अत्यंत अभिभूत हुए और यह संवाद उनके लिए अविस्मरणीय बन गया। एक स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश देते हुए माननीय उपराष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘नशे को ना कहें’ (Say No to Drugs) शपथ में भी सहभागिता की तथा युवाओं को नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम का समन्वय दिल्ली विश्वविद्यालय की युवा संगम फेज़-7 कोर टीम की सदस्य प्रोफेसर चारु कालरा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। इनमें प्रोफेसर बलराम पाणि, अधिष्ठाता, महाविद्यालय (Dean of Colleges), दिल्ली विश्वविद्यालय; प्रोफेसर श्यामा रथ, सदस्य सचिव, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE); श्री श्रेयांश मोहन, उप सचिव, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार; तथा श्री नरेश कुमार ग्रोवर, निदेशक, AICTE प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अतिरिक्त दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ सहभागिता की। इनमें प्रोफेसर हेमचंद जैन, प्राचार्य, दीन दयाल उपाध्याय महाविद्यालय; प्रोफेसर गुरमोहिंदर सिंह, प्राचार्य, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय; प्रोफेसर हरिंद्री चौधरी, प्राचार्य, पीजीडीएवी सांध्य महाविद्यालय; प्रोफेसर हंसराज सुमन, संयुक्त निदेशक, गांधी भवन; तथा प्रोफेसर मनोज कैन, पीजीडीएवी महाविद्यालय शामिल रहे। इनके अतिरिक्त दिल्ली विश्वविद्यालय के अनेक अन्य प्रतिष्ठित प्रोफेसरों एवं संकाय सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।



