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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का बड़ा ऐलान 2023 संघर्ष वर्ष घोषित

केन्द एवं राज्य के शत प्रतिशत संगठनों की भागीदारी का प्रयास

पुरानी पेंशन बहाली सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश

लखऩऊ । पुरानी पेंशन बहाली सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर में कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए आज लखनऊ में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया। प्रदेश भर से आये हुए पदाधिकारियों ने सरकार द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं को नजरंदाज करने के कारण कर्मचारियों के आक्रोश को व्यक्त किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन बहाली सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बार फिर आन्दोलन का रूख अख्तियार करने का निर्णय लिया है।

परिषद के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय के अनुसार वर्ष 2023 को संघर्ष वर्ष घोषित किया गया। इस बैठक में तय किया गया कि जनवरी 2023 की शुरूआत से ही आन्दोलन क्रमिक रूप से शुरू हो जाएगें जो दिसम्बर 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर आन्दोलन का स्वरूप ले लेगा। इस सम्बंध में परिषद की तमाम अन्य केन्दीय एवं राज्य स्तरीय संगठनों से लगातार बातचीत हो रही है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी और संचालन महामंत्री शिवबरन सिंह द्वारा की गई।
<span;>राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रान्तीय महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने कहा की पुरानी पेंशन बहाली, राज्य कर्मचारियों को केन्द्र के समान भत्तों की मांग, पं. दीनदयाल उपाध्याय कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना एवं वेतन विसंगतियों का निस्तारण एवं शासनादेष के निर्देषानुसार सेवा संगठनों से नियमित बैठक करने व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में 07 नवम्बर, 2022 को एक दिवसीय धरना प्रर्दशन कर अपनी मांगों के निस्तारण के लिए मा0 मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया था, परन्तु सरकार द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही न होने से प्रदेश भर में कर्मचारियों में भरी रोष है। इसी परिपेक्ष्य में आज प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन लोक निर्माण विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में आयोजित किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए परिषद के प्रान्तीय अध्यक्ष इं. हरि किशोर तिवारी कहा कि केन्द्र सरकार के निर्णयों के बाद राज्य सरकारों ने कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं और भत्तों सहित पुरानी पेंषन का हक छीन लिया है। ऐसे में आने वाले 2024 के लोक सभा को ध्यान में रखकर ही संघर्ष वर्ष घोषित किया गया।


बैठक में इं. एन.डी. द्विवेदी अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग,श्री रामविराग प्रयागराज,अरविन्द्र कुमार सिंह अयोध्या,षषिकांत श्रीवास्तव वाराणसी, अषोक पाण्डेय देवरिया,सरदार सिंह सहारनपुर,उमानिवास वाजपेई उन्नाव,अम्बा प्रसाद षर्मा नोएडा,योगेष मिश्रा, रामसुरेष सिंह, नरेन्द्र पाल सिंह पंचायती राज सफाई कर्मचारी संघ,अषोक दुबे, अमरजीत मिश्रा महासचिव ड्राइंग स्टाफ एसोसिएषन,  किरन दुबे प्रदेश महामंत्री मातृशिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, रजनीष अरोरा वरिश्ठ उपाध्यक्ष उ.प्र. औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ, बृजेन्द्र कुमार सिहं  प्रान्तीय महामंत्री राजकीय उ.प्र. औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ,परषुराम कष्यप प्रदेष अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी पुलिस परिवार वेलफेयर एसोसिएषन जिलाध्यक्ष अमिता त्रिपाठी और जिला मंत्री सुभााचन्द्र तिवारी ने अपने विचार रखे।

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