भारत ने भूटान से साझा की स्पेस सेक्टर में सफलता, दोनों देशों को मिली बड़ी कामयाबी

नई दिल्ली : ‘पड़ोस प्रथम’ नीति के तहत भारत स्पेस के सेक्टर में अपनी सफलता, अपने पड़ोसी देशों से भी साझा कर रहा है। इसी का नतीजा है कि भारत और भूटान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित India-Bhutan SAT को इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) द्वारा अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और भूटान को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का दोहन करना चाहिए और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में इसका उपयोग करना चाहिए।
इस साल के लिए ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान(पीएसएलवी) के अंतिम मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने इस अभियान के साथ एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। गौरतलब है कि पीएसएलवी-सी54/ईओएस-06 मिशन के तहत नौ उपग्रहों को उनकी कक्षाओं में स्थापित किया गया है। इनमें आईएनएस-2बी नाम का एक उपग्रह भी शामिल है जो भूटान के लिए है। विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि भारत-भूटान सैट भूटान को उनके प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए हाई रेजोल्यूशन इमेज उपलब्ध कराएगा।



