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लगातार तीन वर्ष स्वच्छता में पुरस्कार पाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला शहर बना लखनऊ

महापौर संयुक्ता भाटिया के कार्यकाल में स्वच्छता में अवार्ड की हैट्रिक, दिल्ली में हुआ सम्मान

 

लखनऊ. महापौर संयुक्ता भाटिया के कार्यकाल में लगातार 3 वर्ष (2020, 2021 और 2022 में) लखनऊ को स्वछता सर्वेक्षण में अवार्ड प्राप्त हुआ। महापौर संयुक्ता भाटिया के नेतृत्व में लखनऊ ने इकोग्रीन एवं अन्य चुनौतियों के बाद भी अवार्ड की हैट्रिक लगाते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार तीनों वर्ष अवार्ड पाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला शहर बना। इस वर्ष लखनऊ को ‘ बेस्ट सिटी फ़ॉर इनोवेशन एण्ड बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का अवार्ड दिया गया, अर्थात स्वच्छता के लिए लखनऊ में किए जा रहे इनोवेशन को देश भर में सराहा गया।

स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में भी लखनऊ ने टॉप 20 में अपनी जगह कायम रखी। इस वर्ष विगत वर्ष से ज्यादा अंक प्राप्त करते हुए लखनऊ की रैंकिंग टॉप 20 में सुमार रही और लखनऊ ने 17वां स्थान प्राप्त किया।
महापौर संयुक्ता भाटिया के कार्यकाल में 2017 में लखनऊ की रैंकिंग 269 थी, 2018 में महापौर के प्रयासों से काफी सुधार करते हुए 115 हुई और फिर 2020 में महापौर के 3 वर्षों के कार्यों का सकारात्मक परिणाम मिला और रैंकिंग में 12वां स्थान प्राप्त हुआ। साथ ही वर्ष 2021 में लखनऊ ने 4600 अंको के साथ 12वां स्थान कायम रखा और वर्ष 2022 में अंक बढ़ाते हुए 5200 अंको के साथ पुनः टॉप ट्वेंटी में स्थान बनाते हुए 17वां स्थान प्राप्त किया है।

आज तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय अवसान एवं शहरी विकास राज्यमंत्री कौशल किशोर और केंद्रीय अवसान एवं शहरी विकास के प्रमुख सचिव ने महापौर संयुक्ता भाटिया, स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी अरविंद राव के साथ लखनऊ की टीम को सम्मानित किया।

महापौर संयुक्ता भाटिया ने इसका श्रेय लखनऊ नगर निगम परिवार, विशेषतः स्वच्छता दूतों के साथ ही लखनऊ की देवतुल्य जनता को देते हुए बधाई दी है और आगे बेहतर परिणाम के लिए लखनऊ की सफाई व्यवस्था को 4 भागों में बांट कर चार अलग अलग संस्थाओं को देने की आवश्यकता पर बल दिया।

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