लखनऊ | राष्ट्रीय लोकदल उ. प्र. के सदस्यता अभियान के प्रभारी सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी ने प्रदेश में लगातार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में हो रही वृद्धि पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि इसे केवल उद्योगपतियों एवं पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने तथा आम जनता की खून पसीने की कमाई का अनावश्यक शोषण ही कहा जा सकता है | उन्होंने कहा कि देश में केवल चुनावी आचार संहिता से लेकर चुनाव सम्पन्न होने तक ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के मूल्य नियंत्रित रहते हैं |
श्री त्रिवेदी ने कहा कि भारत सरकार के ही डेटा के अनुसार विगत तीन महीनों में अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट आई है | उन्होंने कहा कि यदि इस आधार पर देखा जाय तो पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में 15 रुपए प्रति लीटर की कमी हो सकती है जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल सकता है | इसी प्रकार रसोई गैस की कीमतों में भी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट हुई है जिसके आधार पर प्रति सिलेंडर लगभग 150 रु. कीमत कम हो सकती है और उसका सीधा लाभ देश की आम जनता को मिल सकता है |यह सम्पूर्ण लाभ केवल देश के उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को पहुँचाया जा रहा है |
सदस्यता अभियान प्रभारी ने कहा कि केन्द्र सरकार कोरोना काल से लगातार प्रत्येक स्तर पर आपदा में अवसर तलाशती रहती है और लाभ उठाती रहती है तथा स्वयं के साथ साथ अपने प्रिय साथियों को उपकृत किया करती है |उन्होंने कहा कि आठ वर्ष बाद ही सही केन्द्र सरकार आम जनता के हितों के प्रति कदम उठाये क्योंकि अभी तक तो उसने स्टार्ट अप इंडिया, मेक इन इंडिया, कौशल विकास और आत्म निर्भर भारत जैसे लालीपॉपों में देश के युवाओं, बेरोजगारों और आम जनता को उलझाए रखा है |