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सभी चिकित्सालयों में बुधवार एवं शनिवार को नियमित टीकाकरण के सत्र आयोजित किये जाए:  ब्रजेश पाठक

                   चेरिश टाइम्स न्यूज़
लखनऊः प्रदेश के समस्त जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरण क्रियाशील रखे जाएं। चिकित्सकीय उपकरण खराब होने इस के संबंध में केवल शासन को पत्र ही न भेजें, बल्कि पत्र के साथ-साथ मुख्यालय पर सक्षम अधिकारियों से फोन पर वार्ता भी करें, जिससे यथाशीघ्र उन्हें ठीक कराकर क्रियाशील किया जा सके। अस्पताल परिसर में कहीं भी घास-फूस या झाड़ियां, जलभराव इत्यादि की समस्या न रहे। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। चिकित्सालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीएचसी एवं पीएचसी पर ओ टी व्यवस्थित रखा जाए। जिन मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर सम्भव हो उन्हें रेफर न किया जाए। मरीजों को गम्भीरता के साथ समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। यह निर्देश प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समस्त मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों दी।
उपमुख्मंत्री ब्रजेश पाठक योजना भवन में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर को जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक स्तर पर आयोजित किये जाएं। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। दिनांक 18 सितम्बर को आयोजित होने वाले निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से आमजन को व्यापक स्तर पर चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराये जाएं। इसको मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के साथ जोड़कर आयोजित किया जाए। इस दिवस पर विशेषज्ञ डाक्टरों को भी शिविर में बुलाया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पर्चा काउन्टर पर लम्बी लाइने न लगने पायें इसके लिए स्टॉफ का पूरा उपयोग किया जाये। जिन चिकित्सकों से संबंधित मरीज अस्पताल में कम हों, वे अन्य मरीजों को परामर्श उपलब्ध करायें, जिससे अस्पताल में भीड़ इकट्ठा न हो। सभी मुख्य चिकित्साधिकारी नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण करें। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का शतप्रतिशत उपयोग करते हुए मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 07 से 21 अक्टूबर तक दस्तक अभियान प्रदेश के समस्त जनपदों में चलाये जायेंगे। संचारी रोग डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जैपनीज़ इन्सेफ्लाइटिस, एक्यूट डायरियल डिजीजेज/टायफायड के प्रभावी नियंत्रण हेतु जनजागरूकता एवं अन्य आवश्यक कदम उठाये जाएं। अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्य साफ-सफाई एवं फॉगिंग करायी जाए। संचारी रोगों के केस सूचित होने पर त्वरित अन्तर्विभागीय कार्यवाही की जाए। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए पेयजल की यूजर एंड पर नियमित रूप से बैक्टीरियोलॉजिकल, वायरोलॉजिकल एवं बायोकेमिकल जांच करायी जाए एवं पेयजल का प्रभावी हाइपर क्लोरीनेशन किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयुषमान कार्ड बनाने के लिए 15 से 30 सितम्बर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बीआईएस एवं फेस आथॉराइजेशन प्लेटफार्म का उपयोग करके कार्ड बनाये जायेंगे। इस दौरान अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुषमान कार्ड बनाये जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आशा का फेस आथॉराइजेशन प्लेटफार्म  पर प्रशिक्षण सुनिचित किया जाए। अभियान की दैनिक निगरानी एवं प्रगति की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन की प्रिकॉशन डोज के लिए 29 सितम्बर को एक मेगा अभियान संचालित किया जायेगा। इस अभियान को सफल बनाने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। मेला आदि भीड़-भाड़ आदि वाले स्थानों पर कोविड वैक्सीनेशन केन्द्र स्थापित कर अधिकाधिक पात्र नागरिकों को आच्छादित किया जाए। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर प्रिकॉशन डोज के लाभार्थियों को कोविड वैक्सीनेशन केन्द्र पर आने हेतु प्रेरित करे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार टीबी महामारी को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। आशा के माध्यम से गांवों में टीबी रोगियों को चिन्हित कर उनके नाम एवं नम्बर दर्ज किए जाएं। टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सरकारी सहायता उपलब्ध कराया जाए। आशाओं के माध्यम टीबी रोगियों तक दवाइयां भी पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जन अभियान का हिस्सा बनाकर इस पर विजय पाया जा सकता है। जनपदीय अधिकारी लोगों को एवं सहायता समूहों को टीबी मरीजों को गोद लेने हेतु प्रेरित करें। विभागों के साथ समन्वय कर टीबी मरीजों को चिन्हित करें। सभी मुख्य चिकित्साधिकारी निक्षय पोर्टल का नियमित मॉनीटरिंग भी करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आरोग्य मेलों में जिन जनपदों में मरीजों की संख्या कम है उन्हें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाएं एवं सेवाएं जनसामान्य विशेषकर समाज के अंतिम पायदान पर स्थित लोगों उपलब्ध कराना है। इन मेलों में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, जांच एवं उपचार की सुविधाएं दी जाती हैं। ई-संजीवनी सेवाओं में तेजी लाते हुए मरीजों को टेलीमेडसिन उपलब्ध कराया जाए। चिकित्सालयों पर स्थापित हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर पर ई-संजीवनी का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, इसके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था को दुरूस्त रखा जाए। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के सीएचओ की कहीं अन्यत्र ड्यूटी न लगायी जाये।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी चिकित्सालयों में बुधवार एवं शनिवार को नियमित टीकाकरण के सत्र आयोजित किये जाएं। रिक्त उपकेन्द्रों एवं सत्र स्थल जहां पर टीकाकरण से छूटे बच्चों की संख्या अधिक है, वहां पर अन्य दिवसों में अतिरिक्त नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किये जाएं। अभियान के दौरान कोविड टीकाकरण की गतिविधियों के कारण नियमित टीकाकरण सत्र को प्रभावित न किये जाए। अन्तर्विभागीय समन्वय एवं जनप्रतिनिधियों, स्थानीय चिकित्सक, धार्मिक गुरू आदि का सहयोग लेकर टीकारोधी परिवारों में टीकाकरण के प्रति भ्रांतियों को दूर करते हुए टीकाकरण को बढ़ाने के प्रयास किये जाएं।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के संबंध में धन की उपलब्धता पर कार्यदायी संस्थाओं का ससमय भुगतान सुनिश्चित करें। आशा वर्कर्स का किसी भी प्रकार का भुगतान पेंडिंग नहीं होना चाहिए। उनके सभी देयों का भुगतान ससमय उपलब्ध करा दिया जाए।
इस दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  पार्थ सारथी सेन शर्मा, सचिव रवीन्द्र कुमार, मिशन निदेशक  अपर्णा यू, महानिदेशक सप्लाई कारपोरेशन, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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