उत्तर-प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ
क्रिकेट भद्रलोक का खेल है! धूर्तों हटो !!

के. विक्रम राव
दुबई में कल (4 सितम्बर 2022) रात जो था, वह खेल नहीं, उसका स्वांग था। दर्शक मंत्रमुग्ध थे, पुतलीनुमा। डोर थी ऐय्यारों के हाथ! तिलस्म का नजारा रहा। याद आ गए देवकीनन्दन खत्री, ‘‘चंद्रकांता‘‘ के रचयिता। इस मान्यता का आधारभूत कारण भी हैं। एक वैश्विक वित्तीय संस्था की रपट के अनुसार केवल इसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट समिति के आयोजन में नौ अरब डॉलर की न्यूनतम आय मात्र मीडिया के भुगतान से होती है। आज भारत के अस्सी रूपये एक अमेरिकी डॉलर के बराबर हैं। बस ऐसी ही प्रवंचना के फलस्वरूप उच्चतम न्यायालय ने 14 मार्च 2019, फिर 20 दिसम्बर 2022 को क्रिकेट बोर्ड के मामलों में हस्तक्षेप किया था। वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस नरसिम्हन की अध्यक्षता में जांच समिति रची थी। सुधारवाले कदम उठाये थे। ऐसी ही फुटबाल नियंत्रक समिति के विषयों में भी किया गया।




