सर्व समाज विकास महासभा का भव्य सम्मान समारोह, एकजुटता और सामाजिक सेवा का संकल्प
सम्मान की बेला और कर्मठ कंधों का हौसला

लखनऊ। सम्मान उस पौधे की तरह है, जिसे निस्वार्थ सेवा के जल से सींचा जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा आज सर्व समाज विकास महासभा रजि० के तत्वावधान में आयोजित हुए भव्य सम्मान समारोह में देखने को मिला। यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के उत्थान के लिए दिन-रात एक करने वाले कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा उत्सव था।
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद गरिमामयी माहौल में हुई। मुख्य अतिथि एयनुद्दीन अहमद ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व और सभी पदाधिकारियों के समर्पण को सलाम किया। उन्होंने संगठन के अध्यक्ष, महामंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रदेश सचिव सहित सभी गणमान्य जनों को माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। एयनुद्दीन अहमद जी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को बदलने का बीड़ा वही उठा सकते हैं जिनके दिलों में सेवा की भावना होती है। सर्व समाज विकास महासभा ने जमीनी स्तर पर जो काम किए हैं, वे वास्तव में सराहनीय हैं।
इस समारोह की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई, जब संगठन के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को सम्मानित कर आपसी सौहार्द और एकजुटता की एक नई मिसाल पेश की। इस गरिमामयी समारोह में संगठन अध्यक्ष रवि प्रकाश भारती के कुशल नेतृत्व और महामंत्री चंदन कुमार वर्मा एडवोकेट की प्रशासनिक सूझबूझ को सराहा गया।
साथ ही, प्रदेश उपाध्यक्ष हरिओम अग्निहोत्री एडवोकेट और वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रजीत कुमार साहू की रणनीतिक सोच की प्रशंसा हुई। संगठन के कार्यों को गति देने वाले प्रदेश सचिव शोभित सक्सेना और संगठन मंत्री अमर उर्फ़ अरुण पुरोहित के साथ-साथ अभिषेक अवस्थी एडवोकेट, मयंक निगम एडवोकेट, आर्यन तिवारी और अजीत मौर्य जैसे ऊर्जावान साथियों की सक्रियता ने इस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
सम्मान की इस बेला के बाद मंच से गूंजे विचार सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि समाज सुधार का एक ठोस रोडमैप थे। समारोह में मौजूद सभी वक्ताओं ने एक सुर में समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के विकास और उत्थान के लिए निरंतर काम करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का समापन बेहद सुखद रहा। सभी पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मुस्कुराते चेहरों के साथ यह वादा किया कि आने वाले दिनों में सामाजिक कल्याण के कार्यों को और अधिक गति तथा विस्तार दिया जाएगा। यह समारोह इस बात का प्रतीक बन गया कि जब नेक इरादे और समर्पित लोग एक साथ मिलते हैं, तो बदलाव की नई इबारत लिखी जाती है।



