बजट में कर्मचारी और शिक्षकों के लिए कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा है : हरि किशोर तिवारी
बजट प्रतिक्रिया

लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने बजट पर प्रतिक्रिया दी है कि इस वर्ष के उत्तर प्रदेश के बजट में कर्मचारी और शिक्षकों के लिए कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा है जबकि उनके स्वास्थ्य के लिए बनाई गई कैशलेस योजना पर बजट में घोषणा दिखाई पड़नी चाहिए थी.
इसी प्रकार जो लोग सेवा निवृत हो रहे हैं, उनके लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश में तयशुदा मिनिमम पेंशन के भुगतान के लिए भी राशि का निर्धारण किया जाना चाहिए था।
श्री तिवारी ने कहा है कि आठवें वेतन आयोग को तत्काल उत्तर प्रदेश में लागू करने की सरकार की मंशा के अनुरूप होने वाले खर्च को भी इसमें डाला जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए एक मांग बहुत दिनों से हम लोग कर रहे थे कि जो आउटसोर्सिंग के ठेकेदार हैं, वह पैसा सरकार से लेने के बाद या तो भुगतान देर से करते हैं अथवा उसमें काफी मात्रा में काम करके देते हैं. सरकार सीधे उन कर्मचारियों के खाते में डाल दे और जो आउटसोर्सिंग कंपनी का प्रॉफिट हो वह उनके खाते में चला जाए, इस मांग को माना गया है, इससे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का उत्पीड़न कुछ हद तक समाप्त होगा.


