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डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के बहुआयामी प्रयोग पर आयोजित की गयी नेशनल कान्फ्रेंस

लखनऊ : एग्री स्टेक जो भारत में कृषि सुधार के लिए विभिन्न हित धारकों को आसानी से एक साथ लाने और डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर किसानों द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओें का कृषि के उत्थान हेतु लाभ प्राप्त करने का एक डिजिटल फाउन्डेशन है। एग्री स्टेक द्वारा उ. प्र. में कृषि क्षेत्र में अग्रणी कार्य किए जाने के फलस्वरूप कृषि एवं किसान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उ.प्र. के द्वारा किए गए उल्लेखनीय योगदान को अन्य राज्यों में लागू करने के लिए नेशनल कान्फ्रेन्स आन डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर /एग्री स्टेक कान्फ्रेस का आयोजन सेन्ट्रम होटल, लखनऊ में किया गया।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्यप्रताप शाही, मुख्य सचिव, उ.प्र. दुर्गा श्ांकर मिश्रा, कृषि सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार  मनोज आहूजा, अपर मुख्य सचिव, कृषि, उ.प्र., डा. देवेश चर्तुवेदी, कृषि सचिव, उ.प्र. डा. राजशेखर, अपर सचिव, कृषि, भारत सरकार  प्रमोद कुमार, खाद एवं रसद आयुक्त सौरभ बाबू, एशियन विकास बैंक  मोनिका पैट्री, भारत सरकार, कृषि मंत्रालय के मुख्य ज्ञान अधिकारी  राजीव चावला, सचिव, राजस्व विभाग, उ.प्र. से श्रीमती मनीषा त्रिघाटिया एवं कृषि एवं कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक/अधिकारी मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडू, बिहार, आसाम, महाराष्ट्र, हरियाणा, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, गोवा, आन्ध्र प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

अपर मुख्य सचिव, कृषि के द्वारा गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए दीप प्रज्वलित कराकर कार्यक्रम का शुभारम्भ कराया गया। सचिव, कृषि एवं कल्याण विभाग, भारत सरकार के द्वारा एग्री स्टेक योजना के बारे में अवगत कराते हुए इससे किसानों को होने वाले लाभ के बारे में कार्यशाला में चर्चा की एवं एग्री स्टेक योजना में उ.प्र. द्वारा किए गए कार्य एवं उपलब्धियों हेतु बधाई दी गई एवं अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया गया कि उ.प्र. जैसा बड़ा राज्य यदि कर एकता है तो आपको भी प्रतिबद्धता के साथ इसे लागू करना चाहिए।


मुख्य सचिव द्वारा एग्री स्टेक योजना की भूमिका के बारे में अवगत कराते हुए इससे कृषकों को होने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही साथ उ0प्र0 में लागू करने संबंधी संकल्पना/रणनीति एवं कर्मचारी/अधिकारी के कार्यो के मानीटरिंग करने हेतु किए गए विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों के संबंध में अवगत कराया गया। खरीफ 23 में प्रदेश के 75 जनपदों में से 21 जनपदां में शत प्रतिशत खसरों का तथा 54 जनपदों के चिन्हित 10 ग्राम पंचायतों में डिजिटल क्राप सर्वे का कार्य संचालित किया गया। इस प्रकार 11589645 गाटों का सर्वेक्षण किया गया। पुनः रबी 23-24 में प्रदेश के 75 जनपदों में 78700000 में से जियो रिफ्रेन्सिंग किए गए 66900000 खसरों का ई-खसरा पड़ताल 15 फरवरी तक कराने का लक्ष्य रखा गया था। इस कार्य में राजस्व लेखपाल एवं कृषि विभाग के तकनीकी सहायकों का सहयोग लिया गया। इतनी बड़ी संख्या में किसानों के हित के लिए सर्वेक्षण का कार्य कराना एक विशिष्ट उपलब्धि है। इससे किसानों को फसल बीमा का लाभ, कृषि ऋण प्राप्त करने में सहयोग, कृषि उत्पादन की बिक्री हेतु पंजीकरण एवं सत्यापन कार्य में शीघ्रता इत्यादि लाभ प्राप्त हो सकेंगे।
मा0 कृषि मंत्री द्वारा बताया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कृषि कार्यो से पूरे भारत में एक पहचान बनी है एवं मा0 यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में योजना में डिजिटालाइजेशन होने के कारण लाभार्थी को उनका लाभ प्राप्त हो रहा है। एग्री स्टेक योजना भारत सरकार की एक क्रान्तिकारी योजना है जिसका उद्देश्य भारत में कृषि परिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल बनाना है। भारत सरकार द्वारा खरीफ-2023 में 12 राज्यों में एग्री स्टेक योजना लागू किया गया जिसमें उ0प्र0 द्वारा सबसे अच्छा कार्य किया। उ0प्र0 राजस्व परिषद ने फसली वर्ष 1428 में फसल खसरा पड़ताल के स्थान पर 2023 में ई-खसरा प़ड़ताल योजना लागू की गई है। आज 91000 से अधिक राजस्व ग्राम के नक्शे डिजिटाइज किए गए हैं जो एग्री स्टेक की सफलता को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खरीफ-2023 में ई-खसरा पड़ताल के परिणामों से 3.19 लाख के क्षे0 में वृद्धि हुई है। जिसमें धान में 1.5 लाख हे0, श्री अन्न में 8500 हे0 एवं इसी प्रकार गन्ना, तिलहन, दलहन के क्षे0 में भी वृ़द्ध पाई गई इससे निःसंदेह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विकास का आंकलन सटीक तौर पर किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त फसलों में प्रतिकूल मौसम होने पर कृषकों को फसलों की क्षतिपूर्ति हेतु सर्वेक्षण/राहत अविलम्ब उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके साथ ही मा0 मंत्री जी द्वारा डिजिटालाइजेशन के लाभों से अवगत कराया गया। उदाहरणस्वरूप प्रदेश में त्वरित डिजिटालाइजेशन के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित उ0प्र0 के किसानों की संख्या 2.62 करोड़ एवं धनराशि रू0-68000 करोड़ है जो कुल देश की 1/4 की भागीदारिता प्राप्त हुई है। प्रदेश के कुल कृषकों की संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक प्रतिशत है। इसके पश्चात मा0 मंत्री जी द्वारा वर्तमान में ई-खसरा पड़ताल कार्यक्रम को अधिक कुशलतापूर्वक करने हेतु शुभकामना दी एवं देश के विभिन्न भागों से आए हुए अधिकारियों/प्रतिनिधियों को उपस्थित होने हेतु बधाई दी। इसके पश्चात एशियन विकास बैंक, खाद्य एवं रसद विभाग, उ.प्र. सरकार, मुख्य ज्ञान अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, सचिव, राजस्व, उ.प्र. शासन, अपर मुख्य सचिव, कृषि के द्वारा एग्री स्टेक योजना के विभिन्न बिन्दुओं पर तकनीकी परिचर्चा का प्रस्तुतीकरण किया गया।
कार्यक्रम के अन्त में अपर सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार प्रमोद कुमार के द्वारा उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों को कार्यक्रम में उपस्थित होने हेतु धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी को बधाई दी एवं कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।

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