हनुमान ने सीता की खोज कर फूंक दी रावण की लंका

लखनऊ । रविवार को ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मे भास्कर नृत्य कला केंद्र कोलकाता के कलाकारों नें रामोत्सव 2026 के मंच पर चल रही रामलीला के मंचन में अशोक वाटिका में सीता और रावण संवाद , त्रिजटा सीता संवाद, किष्किंधा पर्वत पर राम लक्ष्मण संवाद, लक्ष्मण जी का सुग्रीव पर क्रोध करना, सीता जी की खोज पर वानर दल का निकलना, स्वयंप्रभा जी का मिलना, सम्पाती मिलन, हनुमान जी का लंका प्रस्थान करना समुद्र लांघ कर लंका में प्रवेश करना, विभीषण हनुमान संवाद, हनुमान जी का माता सीता से संवाद, अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षयकुमार वध, हनुमान जी का मेघनाथ द्वारा ब्रह्मपास बंधन, रावण दरबार में हनुमान जी का संवाद व एआई के माध्यम से किए गए लंका दहन के दृश्यों को देख कर दर्शकों के चेहरों पर दिखे प्रसन्नता के भाव, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के मध्यम से मंचित किए गए सजीव दृश्यों को देख कर दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोता सियावर रामचंद्र की जय, पवनसुत हनुमान की जय का उद्घोष करने लगे ।
रामोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर विख्यात नृत्य गुरु एवं नृत्य निर्देशक डॉ० राघवेंद्र सिंह ने अपने साथियों के साथ देवी गीत, राम रमैया व देवी डांडिया के संगीत पर नृत्य प्रस्तुतियों को अपनी कला के माध्यम से मंच पर सजाया ।
मंच पर अगला कार्यक्रम आंचल समाजोत्थान सेवा समिति द्वारा आरती शुक्ला के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया जिसमे कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक गीतों पर मोहक नृत्य प्रस्तुत किये दर्शकों ने भी अपनी तालियां बजाकर कलाकारों की प्रतिभा का सम्मान किया ।
ऐशबाग श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिशचन्द्र अगवाल ने बताया की सोमवार को लीला के मंचन में हनुमान जी द्वारा लंका दहन के बाद रामादल में वापसी से लेकर मेघनाथ द्वारा श्रीराम व लक्ष्मण जी को नागपास में बांधे जाने तक की लीला का मंचन किया जाएगा उन्होंने बताया है की इस बार विजय दशमी पर रावण दहन के लिए 75 फुट के पुतले का निर्माण किया गया है श्री अग्रवाल ने बताया है की पुतला दहन के दौरान रामलीला मैदान में करीब एक घंटे तक आकाशीय आतिशबाजी का कार्यक्रम किया जाएगा ।



