लोक धुन के साथ दी गयी प्रो. कमला श्रीवास्तव को अंतिम विदाई
उनकी अंतिम इच्छानुसार उनकी देह को मेडिकल कॉलेज लखनऊ को दान कर दिया गया

लखनऊ । लखनऊ की अवधी गीत संगीत की लोक गीत रचनाकार,संगीत विदुषी प्रो. कमला श्रीवास्तव जी ने कल देर रात अंतिम सांस ली। 93 वर्ष की आयु में प्रो. कमला श्रीवास्तव पिछले एक वर्ष से अस्वस्थ चल रहीं थीं.गत एक माह में दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से ठीक होकर घर आ गयी ।

उनके बेटे ने बताया कि वह मुम्बई में रहते हैं लेकिन वह वहां जाने को तैयार नहीं हुई। लखनऊ में उनका इलाज होता रहा । जहां जानकीपुरम स्थित अपने आवास पर देर रात नश्वर संसार से विदा ली। बेटे रविश खरे ने बताया कि उनकी अंतिम इच्छानुसार उनकी देह को मेडिकल कॉलेज लखनऊ को दान कर दिया गया है।

अंतिम विदाई के समय पद्मश्री विद्या विंदु सिंह, यश भारती कुमाऊं कोकिला विमल पंत, यश भारती पद्मा गिडवानी , पद्मश्री अनूप जलोटा सहित अनेक लोक विधा के शिष्यों अर्चना गुप्ता,सुधा द्विवेदी लोक संस्कृति शोध संस्थान सचिव, मीतू मिश्रा, ज्योति किरन रतन लोक आंगन सचिव, पूनम श्रीवास्तव संगीत कला संस्थान अध्यक्ष, अलका वर्मा,डा स्मिता मिश्रा, लक्ष्मी जोशी रेनू गौड़, कुसुम वर्मा, इन्दु सारस्वत, रेखा अग्रवाल, कनक श्रीवास्तव,,मधु श्रीवास्तव, देवेन्द्र मोदी एक्टर , आदि ने निर्गुण राम धुन जैसे गीतो से श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए भावभीनी विदाई दी।



