नए साल के स्वागत व विविध रचनात्मक प्रस्तुतियों के साथ स्ट्रीट फूड फेस्टिवल 2023 का समापन

नई दिल्ली । जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में न्यू ईयर्स ईव के साथ-साथ दिल्ली वालों पसंदीदा स्ट्रीट फूड फेस्टिवल 2023 रविवार को धूमधाम से समाप्त हुआ। फेस्टिवल के अंतिम दिन आई भीड़ को देख कर देश विदेश से आए स्ट्रीट फूड वेंडर्स काफ़ी उत्साहित हुए। लोगों ने लज़ीज़ व्यंजनों का खूब लु त्फ़ लिया. दिल्ली के कई व्यापारियों ने भी भविष्य में फेस्टिवल में स्ट्रॉल लगाने के लिए इच्छा जताई ।

यह स्ट्रीट फूड फेस्टिवल नासवी यानी नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट फूड वेंडर्स द्वारा हर वर्ष आयोजित किया जाता है। यह नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल का 13वा संस्करण था। इस बार फेस्टिवल विदेशी व्यंजनों को भी देशी व्यंजनों के साथ जोड़ा गया था। जिसको दिल्ली वालों ने खूब सराहा ।

शुक्रवार को इस फेस्टिवल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री हर दीप सिंह पुरी द्वारा किया गया था। इस बार फेस्टिवल में 100 से ज्यादा स्ट्रीट फूड के 500 से ज्यादा व्यंजन परोसे गए। पहली बार टर्की, नेपाल और पाकिस्तान के पारंपरिक व्यंजनों को फेस्टिवल में जगह दी गई थी। इसलिए विदेशी मेहमानों के लिए फेस्टिवल आकर्षण का केंद्र रहा। टर्की देश के राजदूत सहित टर्की से आने वाले सैलानियों ने भी स्वाद का लुत्फ लिया ।

फेस्टिवल के दूसरे दिन गुलाबी मौसम से स्ट्रीट फूड फेस्टिवल का दोगुना हो गया था.
शनिवार को छुट्टी होने की वजह से दिल्ली अपने भरपूर मनोरंजन के लिए जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का रुख किया। वेज हो या नॉन वेज जैसा खाने चाहो वैसा ही। गर्मागर्म अपनी आंखों के सामने बनते हुए शुद्ध स्वच्छ खाने को भला कौन नही सराहेगा।

दिल्ली के रोहिणी से आए एक परिवार ने स्ट्रीट वेंडर्स के व्यवहार पर कहा कि ये लोग भोले-भाले से हैं मगर इनके हांथ में जादू है। दिल्ली वालों ने फेस्टिवल में आए अद्भुत कारीगरी को स्नेह दिया । फेस्टिवल के दूसरे दिन पहले दिन के अपेक्षा ज्यादा खाने के कद्रदानों की भीड़ रही। खासतौर से विदेशी व्यंजनों के साथ लोगों ने खूब सेल्फियां लीं।

देश के 28 राज्यों और टर्की, नेपाली, पाकिस्तानी व्यंजनों की 500 से ज्यादा किस्मों का एक साथ होना दुर्लभ हो होता है। शुक्रवार को फेस्टिवल का पहला दिन था। शनिवार तक लोगों को जैसे जैसे इस फेस्टिवल के बारे पता होता रहा। लोगों की भीड़ बढ़ती गई।

आदिवासी बैंबू बिरयानी
विशाखापत्तनम के अराकू जगह से श्रीमती गुलशन खान आदिवासी बैंबू बिरयानी लेकर फेस्टिवल में शामिल हुई । 18 साल से अराकू वैली में रेहड़ी लगाती हैं। फेस्टिवल में उनके स्ट्रॉल पर दिन भर भीड़ लगती रही। वेंडर गुलशन खुद और दो सहयोगियों के साथ इस फेस्टिवल में हिस्सा लेने आई । बैंबू चिकन, बैंबू फिश और बिरयानी बनाती हैं। लेकिन दूसरे दिन भी उनकी बिरयानी सबसे पहले बिक गई।

उन्होंने बताया कि वैसे तो यह व्यंजन सबसे सरल और सुविधा वाला है। पर जंगलों में। यहां छोटी सी जगह में बैंबू जलाना, यहां के बैंबू में नमी कम होता है। पकाने में जलने का खतरा रहता है। वो यहां भी वही स्वाद दिल्ली वालों को दे पा रही हैं.



