दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 57वीं जी.एस.टी. काउंसिल द्वारा उठाए व्यपार हितैषी कदमों के लिए भारत सरकार की वित्त मंत्री एवं जी.एस.टी. काउंसिल का धन्यवाद किया

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि 57वीं जी.एस.टी. काउंसिल की बैठक में भारत सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसले देश के व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, एमएसएमई और निर्यातकों के लिए “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जी.एस.टी. को लगातार सरल, पारदर्शी और व्यापार-हितैषी बनाया जा रहा है। आज काउंसिल ने जी.एस.टी. कानून के तहत अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को पूरी तरह समाप्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही अभियोजन की सीमा को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है। अब ₹5 करोड़ से कम के मामलों में आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी। इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों पर से कानूनी कार्रवाई का अनावश्यक भय समाप्त होगा।
साथ ही सामान्य पेनल्टी को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किया गया है। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब छोटी गलती पर बड़ी कार्रवाई के बजाय अनुपातिक और न्यायसंगत दंड में विश्वास रखती है।
निर्यातकों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। 38,000 से अधिक एक्सपोर्टर्स को सर्विसेज और प्लांट-मशीनरी पर चुकाए गए जी.एस.टी. का रिफंड अब जल्दी मिलेगा। रिफंड क्लेम का 90% हिस्सा रिस्क बेस्ड जांच के बाद तुरंत जारी होगा। इससे कंपनियों का वर्किंग कैपिटल अनलॉक होगा और IT, इंजीनियरिंग, कंसल्टिंग जैसी सेवा निर्यात कंपनियों को विशेष लाभ मिलेगा।
रजिस्ट्रेशन, रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। रजिस्ट्रेशन में होने वाले सामान्य बदलाव अब स्वतः स्वीकार होंगे। छोटे करदाताओं के लिए सालाना रिटर्न की सुविधा जारी रहेगी।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली भाजपा माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी और समस्त जी.एस.टी. काउंसिल का हृदय से धन्यवाद करती है। दिल्ली के 10 लाख से अधिक व्यापारी और उद्योग जगत इन सुधारों से सीधे लाभान्वित होंगे। यह “GST 2.0” का दूसरा चरण है जो दरों से हटकर अब प्रणाली को जनता के लिए सरल बनाने पर केंद्रित है।
दिल्ली भाजपा इन व्यपार हितैषी सुधारों का स्वागत करती है और विश्वास दिलाती है कि हम व्यापारियों तक इनका लाभ पहुंचाने में पूरी मदद करेंगे।



