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दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला स्वच्छता अभियान

 मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के साथ ली स्वच्छता शपथ, ग्वायर हॉल से वीसी कार्यालय तक किया श्रमदान

नई दिल्ली : स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत आज दिल्ली विश्वविद्यालय में स्वच्छता एवं जनभागीदारी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं अन्य सहभागियों के साथ स्वच्छता अभियान में भागीदारी की। कार्यक्रम का संयोजन स्वच्छता ही सेवा 2026 के नोडल अधिकारी प्रो. के. पी. सिंह द्वारा किया गया। अभियान के तहत सुबह ग्वायर हॉल से दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय तक स्वच्छता गतिविधि एवं श्रमदान किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

स्वच्छता शपथ के साथ अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) की निदेशक प्रो. पायल मागो ने उपस्थित प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की सहभागिता में विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को जनभागीदारी का स्वरूप दिया। अभियान के दौरान स्वच्छ परिसर, स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों तथा नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. के. पी. सिंह ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर केवल श्रमदान ही नहीं किया बल्कि कमला नेहरू रिज क्षेत्र में सफाई एवं रखरखाव संबंधी कार्यों का भी जायजा लिया और स्वच्छता को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित नागरिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कमला नेहरू रिज क्षेत्र में वृक्षारोपण भी किया। स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र के संरक्षण का संदेश भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वच्छता को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी के बजाय सामूहिक सामाजिक दायित्व के रूप में स्थापित करने का संदेश दिया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से यह संदेश सामने आया कि शैक्षणिक संस्थान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभियान में दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, डीन प्लानिंग प्रो. निरंजन कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रंजन त्रिपाठी, प्रो. अनिल राय आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे|

 

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