एलपीजी वितरकों के साथ डीएसओ ने की बैठक
समस्याओं और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर हुई चर्चा, मांगों को लेकर भी रखा पक्ष

गोरखपुर। एलपीजी वितरकों की विभिन्न समस्याओं और गैस वितरण व्यवस्था को लेकर मंगलवार को जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने गैस वितरण डीलरों के साथ बैठक की। बैठक में वितरकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। इस दौरान जिले में एलपीजी की आपूर्ति, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को समय से गैस उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की ओर से प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी चार्ज में बढ़ोतरी, ई-केवाईसी के लिए भुगतान, नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री को लेकर निर्धारित किए जाने वाले लक्ष्यों, इंडेंट में बदलाव तथा अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। वितरकों ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर संगठन की ओर से देशव्यापी स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है।
वितरकों ने डि नोवो स्टडी की संस्तुतियों के अनुसार प्रशासनिक शुल्क और होम डिलीवरी चार्ज में तत्काल 75 रुपये की अंतरिम वृद्धि किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए 236 रुपये का भुगतान किए जाने की मांग भी सामने रखी गई। बैठक में पीएनजी के अनिवार्य उपयोग, नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन तथा एमडीजी के नाम पर वितरकों पर कथित दबाव सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
डीएसओ अजय प्रताप सिंह ने गैस वितरण डीलरों से जिले में वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने को लेकर जानकारी ली। बैठक में वितरकों ने अपनी ओर से आ रही व्यावहारिक समस्याओं से भी जिला पूर्ति अधिकारी को अवगत कराया।
इससे पहले एलपीजी वितरक अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे और एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में कमीशन बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों के समाधान की मांग की गई थी। वितरकों ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में पांच अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस, छह अक्टूबर को “नो मनी नो इंडेंट” तथा 26 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रस्तावित है। मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी गई है।
बैठक के दौरान अधिकारियों और गैस वितरकों के बीच उपभोक्ता हित तथा गैस वितरण व्यवस्था को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।



