उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

हर तरफ झूठ की गूंज, सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही सरकार : सुनील सिंह

लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने देश की आर्थिक स्थिति और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में आज हर तरफ झूठे दावों और प्रचार की गूंज है, जबकि जमीन पर आम जनता महंगाई और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है।

सुनील सिंह ने कहा कि GDP के आंकड़ों से लेकर विकास के दावों तक, जनता के सामने ऐसी तस्वीर पेश की जा रही है जो जमीन की सच्चाई से कोसों दूर है। यदि अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो फिर आम आदमी की जेब खाली क्यों है और उसकी क्रय शक्ति लगातार कमजोर क्यों हो रही है?

उन्होंने कहा कि जनता महंगाई से परेशान है। CNG महंगी, दूध महंगा, LPG महंगी और चीनी महंगी हो चुकी है। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लगातार महंगा हो रहा है, लेकिन मोदी जी देश में खुशियों की बधाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि जब जनता की रसोई का बजट बिगड़ चुका है और परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो ये खुशियां आखिर किसके लिए हैं?

लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि आपकी सरकार ने देश की खुशियां छीन ली हैं। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, छोटे कारोबारियों का संकट और आम आदमी की घटती क्रय शक्ति जैसे वास्तविक मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम करने के बजाय प्रचार और आत्मप्रशंसा में व्यस्त है।

उन्होंने मीडिया के एक बड़े हिस्से पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के वास्तविक सवालों को सरकारी विज्ञापनों और प्रचार के शोर में दबाने की कोशिश की जा रही है। मीडिया का काम सत्ता का गुणगान करना नहीं, बल्कि जनता के सवालों को सरकार तक पहुंचाना और सच्चाई सामने लाना है।

सुनील सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के सामने गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। यदि सरकार ने समय रहते महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय मजबूत करने, छोटे कारोबारियों को राहत देने और आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया तो आर्थिक संकट और गंभीर हो सकता है।
उन्होंने कहा, जिस दिन आर्थिक संकट गहराएगा, उस दिन विज्ञापनों का शोर और बड़े-बड़े दावे जनता को नहीं बचा पाएंगे। जनता को प्रचार नहीं, सच्चे आंकड़े और वास्तविक विकास चाहिए। लोकदल अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह आंकड़ों की बाजीगरी और आत्मप्रचार छोड़कर देश की जमीन पर मौजूद सच्चाई का सामना करे। जनता को भाषण और बधाई नहीं, बल्कि महंगाई से राहत, रोजगार, किसानों को उचित मूल्य और परिवारों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button