राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन-2026 में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने रखा आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित शहरों के निर्माण का विजन

*भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और शहरी सेवाओं को अधिक प्रभावी
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव-2026 (राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन-2026) में सहभागिता करते हुए आधुनिक, स्मार्ट एवं नागरिक-केंद्रित शहरों के निर्माण के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार करने और शहरी विकास की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। 24 एवं 25 अक्टूबर को आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय ‘Urban Rising: Rethinking Urban Systems, Solutions and Delivery’ है। सम्मेलन में देश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों, आधुनिक शहरी अवसंरचना, बेहतर नगर प्रबंधन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शहरी सेवाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मंत्री ए.के. शर्मा ने इस कॉन्क्लेव में शहरी विकास से जुड़े नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों एवं संबंधित संस्थाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे बदलती शहरी परिस्थितियों और नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए दूरदर्शी नीतियों एवं व्यावहारिक समाधानों पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि भविष्य के शहरों को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर शहरी नियोजन, सुदृढ़ आधारभूत संरचना तथा प्रभावी सेवा वितरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
श्री शर्मा ने कहा कि शहरी विकास का वास्तविक उद्देश्य केवल सड़कों, भवनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। शहरों की विकास योजनाएं ऐसी होनी चाहिए, जो वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में भी सक्षम हों। इसके लिए नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना जरूरी है।
उन्होंने शहरी सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने पर बल दिया। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकारों, शहरी निकायों और विशेषज्ञ संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को शहरी विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सफल कार्यप्रणालियों से सीख लेकर शहरी विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन-2026 देश में शहरी विकास की भावी दिशा तय करने, विभिन्न राज्यों के अनुभवों को साझा करने तथा शहरी प्रणालियों, समाधानों और सेवाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इस सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श से आधुनिक, स्मार्ट, समावेशी एवं नागरिक-केंद्रित शहरों के निर्माण के लिए नई संभावनाओं और प्रभावी नीतिगत दृष्टिकोण को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस अवसर पर केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू,अन्य राज्यों के नगर विकास मंत्री एवं नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री पी गुरु प्रसाद शामिल रहे।



