उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

चौथे स्तंभ की सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए पत्रकार संवाद मंच का शंखनाद

लखनऊ। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता की स्वतंत्रता, पत्रकारों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा के लिए पत्रकार संवाद मंच ने एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में मंच के शीर्ष पदाधिकारियों ने राजधानी के प्रमुख पत्रकार संगठनों के नेतृत्व से मुलाकात कर पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए साझा रणनीति बनाने पर चर्चा की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के बीच एकता को मजबूत करना और किसी भी पत्रकार के साथ होने वाले कथित उत्पीड़न, अनुचित दबाव तथा अधिकारों के दुरुपयोग के विरुद्ध सामूहिक आवाज बुलंद करना रहा। इस दौरान जोर दिया गया कि पत्रकार संगठनों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर पत्रकार हितों के मुद्दों पर एकजुट होना चाहिए, ताकि किसी भी पत्रकार के अधिकारों और सम्मान के साथ खिलवाड़ होने पर पूरी पत्रकार बिरादरी उसके समर्थन में खड़ी हो सके।

उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वाहिद ने इस विषय को गंभीर बताते हुए भविष्य में संगठित रणनीति तैयार करने पर बल दिया। वहीं, प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अज़ीज़ सिद्दीक़ी और NPTI (News Paper Trust of India) के अध्यक्ष नजम एहसान ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए पत्रकारों के हितों के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

इस प्रतिनिधिमंडल में पत्रकार संवाद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सईद खान ताजू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंकज सिंह, राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद अमान, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद सैफ साबरी तथा जिला कार्यवाहक अध्यक्ष मोहम्मद तारिक शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों से उनके कार्यालयों में मुलाकात की।

मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के साथ-साथ जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों, प्रशासनिक खामियों और व्यवस्था की कमियों को भी तथ्यों के आधार पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। उनका कहना था कि लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका तभी प्रभावी बनी रह सकती है, जब पत्रकार निर्भीक होकर जनसमस्याओं को सामने रख सकें।

पत्रकार संवाद मंच की इस पहल को पत्रकार संगठनों के बीच समन्वय मजबूत करने और पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता तथा स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर साझा आवाज बुलंद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button