अलीगंज अग्निकांड से भी नहीं जागा सिस्टम!
बिना फायर एनओसी होटल-हुक्का बार, हादसे का इंतजार कर रहा अग्निशमन विभाग?

मोहम्मद सैफ साबरी
लखनऊ। राजधानी में हादसे होते हैं, कुछ दिन तक जांच और कार्रवाई की बातें होती हैं और फिर फाइलें खामोश हो जाती हैं। अलीगंज अग्निकांड के बाद भी अगर यही हाल है तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे?
कैसरबाग क्षेत्र के 37-ए कैंट रोड स्थित होटल विक्ट्री को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय शिकायत के अनुसार भवन में बेसमेंट, बैंक, होटल और छत पर हुक्का बार संचालित है। बेसमेंट में बिजली के अव्यवस्थित तारों का जाल, सीमित निकासी व्यवस्था और कथित तौर पर पर्याप्त अग्निशमन इंतजाम न होने की बात सामने आई है। होटल से कुछ ही दूरी पर पेट्रोल पंप भी बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने निरीक्षण भी किया, लेकिन उसके बाद क्या कार्रवाई हुई, यह अभी सवाल बना हुआ है। यदि फायर एनओसी और सुरक्षा व्यवस्था पूरी है तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि कमियां हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि बताया जा रहा है कि होटल का पूर्व नाम होटल पीआर गोल्ड था और इसके ध्वस्तीकरण का आदेश एलडीए के जोन-6 के विहित अधिकारी द्वारा पूर्व में जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
एक तरफ एलडीए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का दावा करता है, दूसरी तरफ ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद कथित व्यावसायिक गतिविधियां जारी रहने की खबरें सामने आती हैं। ऐसे में जनता पूछ रही है—कानून सिर्फ कागजों पर चलता है या जमीन पर भी?
अग्निशमन विभाग और एलडीए को शिकायत की निष्पक्ष जांच कर स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। क्योंकि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड पहुंचना जरूरी है, लेकिन आग लगने से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उससे कहीं ज्यादा जरूरी है।
अब देखना है कि विभाग जागता है या फिर राजधानी को अगली त्रासदी का इंतजार करना पड़ेगा।


