मीलाद के मुख़ालिफ़ अमन के दुश्मन : सैय्यद अशरफ़

नई दिल्ली। ऑल इंडिया उलमा व मशायख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सैय्यद मोहम्मद अशरफ़ किछौछवी ने पूरी दुनिया को पैग़म्बरे अमन-ओ-शांति हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के मीलाद की मुबारकबाद देते हुए साफ़ शब्दों में कहा कि मीलाद के मुख़ालिफ़ अमन के दुश्मन हैं।
उन्होंने कहा कट्टरपंथी अलगाववादी आतंकी सोच के लोग जिन्हें दुनिया सल्फ़ी या वहाबी विचार के रूप में इयाँटे हैं और जिनकी पहचान अब छुपी नहीं है पूरी दुनिया में इस्लामी आतंकवाद के नाम पर फ़साद पैदा करने वाले यह लोग isisi बोको हराम जैसे ख़तरनाक हत्यारे संगठन इसी कट्टर सोच के मानने वाले हैं।
उन्होंने कहा मिलाद को हराम बताने वाले और इनकी बात को दोहराने वाले दोनों दोगले चरित्र के लोग हैं जो एक तरफ़ विश्व बंधुत्व की बात करते हैं वहीं दूसरी तरफ़ अमन के पयम्बर की पैदाइश की ख़ुशी मनाने पर एतराज़ लड़ाये हैं दरअसल यह वही लोग हैं जिन्हें अमन के हर उत्सव से नफ़रत है।
हज़रत ने कहा कि संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा मिलाद पर की गई टिप्पड़ी उनकी अज्ञानता का परिचायक है यदि उन्होंने इस फ़िक्र को समझते और जानते हुए ऐसी टिप्पणी की है तो इससे उनकी भारत के बंटवारे करने वाले कट्टरपंथियों और भारत विरोधियों के साथ साँठ गाँठ ज़ाहिर होती है।
हज़रत ने कहा कि मिलाद मनाना कैसा है इस बात पर अब किसी बहस की कोई गुंजाइश नहीं है न किसी दलील की ज़रूरत जिसे अमन का पैग़म्बर के जन्मोत्सव से ही दिक्कत है साफ़ समझ लें वह अमन का दुश्मन ही है और उसे कोई दलील देने की ज़रूरत नहीं आपको अपना काम शरीयत और देश के क़ानून के दायरे में रहते हुए करना है ग़ैर शरई कोई बात जुलूस या जलसे में न हो लोगों को बतायें कि जिसकी विलादत की ख़ुशी मनायी जा रही है वह तमाम आलम के लिए रहमत है लिहाज़ा जुलूस के दौरान इस बात का ख्याल रखें कि आपकी वजह से किसी को कोई परेशानी न हो , डीजे जैसी ख़ुराफ़ात से परहेज करें बेमकसद और बेहूदा नारेबाजी से परहेज करें नात,दुरूद सलाम पढ़ते हुए जुलूस में शामिल हों।
हज़रत ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि आपको अपने अमल से दिखाना है कि आप अमन वाले रसूल के गुलाम हैं ताकि आपकी वजह से कोई आपके आक़ा की तरफ़ उँगली न उठा सके इस बात का ख़ास ख्याल रखें। हज़रत ने तमाम लोगों से इस ख़ुशी के मौक़े पर एक साथ आने की बात कही।



