श्री निवास प्रधान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर लिबास पुर गाँव में हुआ स्वागत सम्मान समारोह
डॉक्टरेट उपाधि मिलने से समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी बढ़ी है : श्रीनिवास

नई दिल्ली : संत शेरसिंह रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट ( रजि.) के तत्वावधान में प्रसिद्ध समाजसेवी श्री निवास प्रधान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर लिबास पुर गाँव में एक सादा स्वागत समारोह में पगड़ी व पटका पहनाकर सम्मान किया। सम्मान समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने की । इस अवसर पर सत्यनारायण अहलावत , राम कुमार पातलान , पत्रकार विजय पुनिया, आशा नंद पाटिल , राजेंद्र मास्टर , प्रसून पाटिल , अनिल जंगाला, उत्कर्ष पाटिल , चंद्रभान आदि उपस्थित रहे । सभी ने डॉ. निवास प्रधान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर अभिनंदन कर स्वागत किया और कहा कि ये काफी समय से दिल्ली देहात के लोगों की मदद करते आ रहे हैं, सदैव गरीब बच्चों व बहनों की आर्थिक सहायता की है ।
इस अवसर पर सत्यनारायण अहलावत ने अपने संबोधन में कहा कि मैं श्री निवास प्रधान को व्यक्तिगत रूप से पिछले तीन दशकों से जानता हूँ , दिल्ली देहात में लंबे समय से किसान ,भूमिहीनों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की मदद फीस भरकर , ड्रेस व पुस्तकें आदि देकर हर संभव मदद करते हैं , इतना ही नहीं जिन बहनों के भाई नहीं है उनके भाई बनकर भात भरते हैं उन्हें बर्तन, वस्त्र और शादी का सामान देकर सहायता करते हैं। श्री प्रसून पाटिल ने श्री निवास प्रधान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली देहात में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं , वे बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं ऐसे गरीब बच्चों की आर्थिक सहायता करने के लिए आपको आगे आना होगा और उनकी हर संभव मदद करनी चाहिए ताकि बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो सकें ।
अपने स्वागत सम्मान समारोह में डॉ.श्री निवास प्रधान ने कहा कि लिबास पुर गाँव ने मुझे पगड़ी पहनाकर जो सम्मान दिया है मैं इस पगड़ी के सम्मान को कभी कम नहीं होने दूंगा , यह मेरे समाज की पगड़ी है , आज से पगड़ी व समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी बढ़ी है। मैं दिल्ली देहात में पिछले तीन दशकों से अधिक से सभी वर्गों के लोगों का काम करता आ रहा हूं, बच्चों की शिक्षा पर मेरा ज्यादा फोकस रहता है कि किसी भी समाज का बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे । बिना भाई की बहनों का भात भरना , बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चे , उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना मेरी पहली प्राथमिकता है । इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना , गरीब किसानों , भूमिहीनों की लड़ाई भी लंबे समय से लड़ रहे हैं । उन्होंने बताया कि उनकी भविष्य की योजना है कि बहुजन समाज के महानायकों के इतिहास को गाँव – गाँव जाकर युवा पीढ़ी को बताया जाएगा और इस समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को भी दूर किया जाएगा । शादी , विवाह , बच्चों के जन्म दिन , मृत्यु भोज आदि पर दिखावा न करें , कि जानकारी देंगे ।
स्वागत समारोह के अंत में अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रोफेसर हंसराज सुमन ने कहा कि श्री निवास प्रधान बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, उन्होंने अपना करियर किसान से शुरू कर उच्च शिक्षा ग्रहण कर ऑडिनेंस डिपो में उच्च पद पर रहते हुए अपनी सर्विस के दौरान हजारों लोगों की नियुक्ति, पदोन्नति में मदद की। इतना ही नहीं ये 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत भूमिहीन किसानों को मिली जमीन की लड़ाई लड़ रहे हैं । साथ ही गाँवों के लोगों को भी महानगर जैसी सुविधाएँ मिले, शिक्षा , चिकित्सा , परिवहन आदि की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन्होंने बीड़ा उठाया हुआ है । उन्होंने बताया कि जल्द ही डॉ. श्री निवास प्रधान अपने समाज के लोगों के लिए एक गैर राजनैतिक संगठन बनाने जा रहे हैं जिसमें 360 गाँवों के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा । प्रोफेसर सुमन ने पुनः उनके गाँव लिबासपुर में आने पर व उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने की हार्दिक शुभकामनाएं दी।


