सफलता की नई इबारत, कनीज़ फातिमा के सपनों को मिली IAS की उड़ान
92% अंकों के साथ बढ़ाया क्षेत्र का मान, अब बनेंगी IAS
गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश जनपद के ग्राम उसियाँ की माटी ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। होनहार छात्रा कनीज़ फातिमा ने हाई स्कूल की परीक्षा में 92% अंक अर्जित कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। वर्तमान में झारखंड के बोकारो स्थित केंद्रीय विद्यालय-1 में शिक्षा ग्रहण कर रही कनीज़ ने अपनी इस सफलता से साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
बचपन से ही मेधावी रही कनीज़ ने अपने बड़े अब्बू और प्रसिद्ध समाजसेवी शमशेर गाज़ीपुरी से किया हुआ वादा निभाते हुए यह गौरव हासिल किया है। उनके पिता फ़िरोज़ खान, जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, ने अपनी बेटी की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वहीं, रिटायर्ड पुलिस कर्मी दादा अलीशेर खान अपनी पोती की उपलब्धि पर भावुक नजर आए, उनका मानना है कि जो शिक्षा वे स्वयं हासिल नहीं कर सके, आज उनकी नई पीढ़ी उस कमी को पूरा कर खानदान का नाम रोशन कर रही है।
कनीज़ की इस प्रतिभा को निखारने के लिए BSS वसुधैव IAS अकादमी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्थान ने पूर्व में किए गए अपने निर्णय के अनुसार अब कनीज़ की आगे की IAS कोचिंग, रहने और खाने की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है। इस संबंध में BSS कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें अब्दुल समद पूर्व IAS और मुजतबा खान BSS प्रमुख सहित समाज के कई प्रबुद्ध वर्ग, जज और एडवोकेट शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कनीज़ के आत्मविश्वास की सराहना की और उनके भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
समाज के लिए एक प्रेरणा बनते हुए शमशेर गाज़ीपुरी ने इस मौके पर कहा कि हर बच्चा अपने आप में विशेष है और 90% से ऊपर अंक लाने वाले सभी छात्र सम्मान के पात्र हैं। आज पूरे उत्तर प्रदेश में इस सफलता को लेकर खुशी की लहर है और कनीज़ को लगातार दुआएं मिल रही हैं। यह उपलब्धि समाज को एक सशक्त संदेश देती है कि यदि बेटियों के ख्वाबों को पंख दिए जाएं, तो वे भविष्य की सबसे मजबूत बुनियाद बन सकती हैं।



