दिल्ली से राष्ट्रव्यापी गो सेवा अभियान की रूपरेखा तय
"गोमाता को सम्मान दिलाने के लिए 27 अप्रैल 2026 को 'गो सम्मान दिवस'"

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में रविवार को गो सम्मान आमंत्रण अभियान को लेकर पूज्य संतों के सानिध्य में पत्रकार वार्ता हुई। पत्रकार वार्ता में अच्युतानंद जी महाराज (कृष्णायन गोशाला हरिद्वार), गोपालाचार्य गोपालानंद सरस्वती जी महाराज एवं पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली आदेश गुप्ता के विभिन्न संगठनों के प्रमुख अधिकारियों ने पत्रकारों से संवाद करते हुए बताया कि विगत 19 अप्रैल 2026 को 18 विंडसर प्लेस फिरोज शाह रोड, नई दिल्ली में देश के पूज्य संतों के सानिध्य में हुई केंद्रीय बैठक में गो सम्मान आमंत्रण अभियान की सम्पूर्ण कार्य योजना पर मंथन किया गया।
बैठक में देशभर से आए संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने संवाददाताओं से निर्णय लिया कि यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर पेट्रोल नहीं, बल्कि गोमाता और नंदी बाबा के सानिध्य में संचालित होगा।
साथ ही उपस्थित संत और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत में गो संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक केंद्रीय कानून बनाना, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है।
उपस्थित संत ने सरकार से आग्रह किया कि गो रक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए श्रद्धालुओं को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए।
इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य दवाओं का आयुर्वेदिक अस्पतालों में मुफ्त वितरण किया जाए तथा सरकारी सख्ती में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए।
गोशालाओं को उगाने से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश गोवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो।
छह माह लगातार गो संकीर्तन
अभियान से जुड़ी कार्य योजना के अनुसार विगत जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार अभियान चलाया गया। इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को भारत के सभी तहसील/तालुकाओं मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे।
यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो जुलाई और अक्टूबर 2026 में पुनः चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। इसके बाद 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से आए संत और गोभक्त देश की राजधानी दिल्ली में एकत्रित होकर सुखद संकीर्तन के माध्यम से गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए केंद्र सरकार से आह्वान करेंगे।
[20/04, 2:11 am] Vineeta Rani Vinni: यह संकीर्तन छह माह यानी 15 अगस्त 2027 तक चलेगा और फिर भी सरकार की ओर से कोई समुचित उत्तर नहीं मिला तो फिर देश के संत गंगाजल पान करके उपवास करेंगे और अंत में यदि सरकार ने गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए कुछ नहीं किया तो फिर देश के संत गोमाता हितार्थ आमरण अनशन करेंगे।
गैर राजनीतिक स्वरूप में होगा अभियान:
अभियान पूरी तरह अहिंसक रहेगा, इसमें किसी प्रकार का भाषण, मंचीय उद्घोषणा या राजनीतिक स्वरूप नहीं होगा। कोई भी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएगा, केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया जाएगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गोमाता का चित्र होगा।



