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डीएमई मीडिया स्कूल में एचआर कॉन्क्लेव ‘मीडिया कनेक्ट 2.0’ का सफल आयोजन

नई दिल्ली : डीएमई मीडिया स्कूल के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल ने 27 मार्च को एचआर कॉन्क्लेव ‘मीडिया कनेक्ट 2.0’ का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश की प्रमुख मीडिया संस्थाओं से जुड़े विशेषज्ञों और एचआर लीडर्स ने भाग लिया और छात्रों को बदलते कॉर्पोरेट माहौल की स्पष्ट और व्यावहारिक समझ दी। इस वर्ष की थीम—“कॉन्शियस अनबॉसिंग: जेन Z मिडिल मैनेजमेंट को क्यों नकार रहा है?”—ने चर्चा को एक स्पष्ट दिशा दी।

कार्यक्रम की शुरुआत गरिमा जैन के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने ‘मीडिया कनेक्ट’ के उद्देश्य और महत्व को सरल शब्दों में रखा। इसके बाद मीडिया विभाग की प्रमुख डॉ. पारुल मेहरा ने उद्घाटन वक्तव्य देते हुए कहा कि आज की इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार खुद को लगातार ढालना और युवा पीढ़ी की सोच को समझना बेहद जरूरी है। इस दौरान डॉ. विशाल सहाय और डॉ. यामिनी खुल्लर ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत किया।

वक्ता सत्र की शुरुआत भारत एक्सप्रेस के एचआर हेड अमिताभ चक्रवर्ती ने की। उन्होंने छात्रों से कहा कि करियर में आगे बढ़ने के लिए आत्म-जागरूकता बहुत जरूरी है—अपनी ताकत और कमजोरियों को समझना ही सही दिशा देता है। उन्होंने बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार रखने पर भी जोर दिया।

इसके बाद डब्ल्यूआईओएन की एडिटर विदेशा केमकर ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए सफलता के अलग-अलग अर्थों पर बात की। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति और हर पीढ़ी के लिए सफलता की परिभाषा अलग होती है, और जेन Z की अपेक्षाएं पहले से काफी बदल चुकी हैं।

अमर उजाला की एचआर प्रमुख रेनू मट्टू ने जेन Z के व्यवहार, उनके सीखने के तरीके और कार्यस्थल की संस्कृति पर उनके प्रभाव को विस्तार से समझाया। वहीं, थीम्स इवेंट मैनेजमेंट के सीईओ सिमरजीत सिंह भाटिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेन Z लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और ऊर्जा से भरपूर होती है।

माय एफएम की एचआर हेड नेहा वद्रा ने रेडियो इंडस्ट्री को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया और इसकी आज भी बनी हुई प्रासंगिकता पर जोर दिया। इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने जेन Z, बदलती इंडस्ट्री और मिडिल मैनेजमेंट की भूमिका से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। वक्ताओं ने बेहतर कार्यस्थल के लिए खुला संवाद, मार्गदर्शन और लचीलापन अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम का समापन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के संयोजक डॉ. विशाल सहाय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने समर्पण, निरंतर सीखने और शोध के महत्व को रेखांकित किया। यह कॉन्क्लेव छात्रों के लिए अकादमिक ज्ञान और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच एक मजबूत सेतु साबित हुआ, जिसने उन्हें उनके पेशेवर भविष्य के लिए उपयोगी दृष्टिकोण प्रदान किया।

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