सर्वधर्म महासभा ने सद्भावना दिवस के रूप में मनाया ईद-होली मिलन समारोह

कानपुर। शहर की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूती देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय सर्वधर्म महासभा द्वारा कुली बाजार स्थित कार्यालय में एक भव्य ‘ईद एवं होली मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी आयोजन को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया, जहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के धर्मगुरुओं और प्रबुद्धजनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर कौमी एकता की मिसाल पेश की।
कार्यक्रम के संयोजक और संस्था के महामंत्री महबूब आलम खान ने बताया कि यह आयोजन हर साल की एक गौरवशाली परंपरा है। सभी महत्वपूर्ण त्योहारों के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय समाज में एकता और प्रेम का संदेश फैलाना है। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल आपसी प्रेम बढ़ाते हैं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति को भी नई ऊर्जा देते हैं।
महासभा के महामंत्री ने अपने संबोधन में देश की विविधता को रेखांकित करते हुए कहा, “हमारा मुल्क एक ऐसे गुलदस्ते की तरह है जहाँ हर रंग के फूल अपनी खुशबू बिखेरते हैं। देश की तरक्की तभी संभव है जब हमारे शहर और प्रदेश में अमन कायम रहे।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समाज में वैमनस्य फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से सतर्क रहें और अपने बुजुर्गों द्वारा स्थापित की गई शांति की विरासत को सहेज कर रखें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर काजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने की। इस दौरान सभी धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के हाथों में हाथ डालकर यह संकल्प लिया कि वे कानपुर को ‘अमन और शांति का गहवारा’ बनाए रखने में निरंतर प्रयासरत रहेंगे। संदेश बिल्कुल स्पष्ट था: देश की एकता पर आंच आने पर पूरा समाज एक दीवार की तरह खड़ा रहेगा।
इस सद्भावना संगम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली, धर्मगुरु, नायब सदर कारी आरिफ रजा कादरी, नायब शहर काजी कारी सगीर आलम हबीबी, शिया धर्मगुरु शाहिद अब्बास, पादरी डायमंड युसूफ, सरदार राजेंद्र सिंह, पंडित राजेश मिश्रा, पादरी कुलदीप, बाबा संतोष राज बौद्ध।
जनप्रतिनिधि व नेता, पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी, विधायक कैंट हसन रूमी, विधायक आर नगर अमिताभ बाजपेई, भाजपा नेता सलीम अहमद। गणमान्य नागरिक, प्रेस क्लब महामंत्री शैलेश अवस्थी, बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी तोहिद सिद्दीकी, हाजी सलाउद्दीन, और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि व वरिष्ठ बुद्धिजीवी।
अखिल भारतीय सर्वधर्म महासभा का यह प्रयास न केवल कानपुर बल्कि पूरे देश को यह पैगाम देता है कि विविधता में एकता ही भारत की असली पहचान है। फूलों की महक और भाईचारे की मिठास के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि नफरत की दीवारें मोहब्बत के सामने टिक नहीं सकतीं।



