दिल्ली पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष परुल सिंह ने डीजीपी चंडीगढ़ डॉ. सागर प्रीत हुड्डा को राष्ट्रपति पदक मिलने पर दी बधाई
दिल्ली पुलिस रेज़िंग डे समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने किया सम्मानित

नई दिल्ली : दिल्ली पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष परुल सिंह ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईपीएस को ‘राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। यह पदक पुलिस सेवा में उत्कृष्ट, समर्पित और दीर्घकालिक योगदान के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मानों में से एक है।
यह प्रतिष्ठित सम्मान आज नई दिल्ली में आयोजित दिल्ली पुलिस रेज़िंग डे के अवसर पर आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ. सागर प्रीत हुड्डा वर्ष 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और एजीएमयूटी कैडर से संबंधित हैं। अपने लंबे और प्रभावशाली सेवाकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जी-20 शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था का सफल नेतृत्व करने के साथ-साथ उन्होंने संवेदनशील विरोध-प्रदर्शनों को भी अत्यंत संयम और पेशेवर दक्षता के साथ संभाला।
डॉ. हुड्डा ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 2013 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके द्वारा शुरू की गई ‘परिवर्तन’ पहल को विशेष पहचान मिली, जिसे यूएन वीमेन ने भी सराहा।
स्वतंत्रता दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर इस सम्मान की घोषणा की गई थी, जो उनके निरंतर समर्पण, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर परुल सिंह ने कहा, “डॉ. हुड्डा की उपलब्धियाँ हम सभी के लिए गर्व का विषय हैं। उनका नेतृत्व, निष्ठा और देश के प्रति समर्पण वास्तव में प्रेरणादायी है। उन्होंने सदैव सभी नागरिकों, विशेष रूप से दिव्यांगजनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है।”
दिल्ली पैरालंपिक समिति दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तिकरण और खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है। समिति ऐसे कर्मठ और दूरदर्शी नेतृत्व का सम्मान करती है, जो समाज को अधिक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



