ज्योति कलश संस्थान ने मनाया शहीदोत्सव

लखनऊ : ज्योति कलश संस्कृति संस्थान द्वारा पुलवामा शहीदो को “वंदे मातरम् ” कार्यक्रम के जरिए श्रद्धांजलि पुष्प अर्पित किये गये। उपकारम् करोति दयानन्द सेवा संस्थान एवं ज्योति कलश संस्थान के सहयोग से शहीदोत्सव का आयोजित किया गया। ज्योति कलश संस्थान की महामंत्री कनक वर्मा , दयानंद सेवा संस्थान की संरक्षक मनोरमा शुक्ला, के सम्मिलित सहयोग से आयोजित किया गया।
शहीदोत्सव मे मुख्य अतिथी सुमोना एस पाण्डे सहायक कार्यक्रम निदेशक आकाशवाणी, अति विशिष्ट अतिथि अशोक बनर्जी संपादक कला वसुधा पत्रिका, अनमोल अग्रवाल पूर्व प्रधानाचार्य खुनखुन जी गर्ल्स इंटर कॉलेज, विशिष्ट अतिथी उषा बनर्जी के द्वारा रश्मि चौधरी लोक गायिका एवं सेवा निवृत्त निदेशक आकाशवाणी को सम्मानित किया गया। राजेन्द्र विश्वकर्मा के के संचालन मे कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बच्चो ने
सरस्वती वंदना प्रस्तुत की.
प्रो डाॅ उषा सिन्हा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा की भावी पीढी को देश के शहीदो की शहादत को याद रखना चाहिए ।बच्चो के द्वारा प्रसिद्व वंदे मातरम् गीत पर नृत्य किया।
डॉ. लक्ष्मी रस्तोगी के लिखे गीत नाम जरा बतलाना पर बच्चो का प्रस्तुतीकरण हुआ । बच्चो के गीत-तन के उजले , प्रयाण गीत गलत मत कदम उठाओ , प्रतिबंधित गीत छीन सकती है नही सरकार वंदे मातरम् ,पंडित बंशीधर शुक्ल की रचना कदम कदम बढ़ाए जा , अंजनी कुमार पांडेय गाजीपुरी की रचना ये शहीदो की जयहिंद बोली , भाग फिरंगी भाग झांसी की रानी आयी है,प्रो कमला श्रीवास्तव की रचना आपन देशवा के सपूतन तू त कई दीहो कमाल,
कनक वर्मा की रचना शक्ति स्वरूपिणी शिव सनातनी हम भारत की नारियां गीतो पर देशभक्ति रंग मे रंगी शानदार प्रस्तुतीकरण के पश्चात जय जय जय हे अमर तिरंगे के पश्चात अतिथियो ने बच्चो को पुरस्कृत किया। शहीदो को नमन करते हुए अनमोल अग्रवाल ने कहा की फरवरी को लोग प्यार का महीना कहते है लेकिन भारतीय संस्कृति मे प्रतिदिन परिवार के प्यार सम्मान और लगाव का दिन है। सुमोना पाण्डेय
ने कहा आकाशवाणी के कार्यक्रमो के माध्यम से हम बच्चो ,युवाओ सहित सभी तक देश के शहीदो की जानकारी गाँव-शहर सभी तक पहुंचाते रहते है। अशोक बनर्जी ने कहा की मुझे कार्यक्रमो के जरिए बचचो युवाओ कलाकारो आदि से संपर्क करने को मिलता है । सभी को यही कहते देशभक्ति सर्वोपरि होनी चाहिए। जिसे देश से प्यार नही वह कभी आगे सम्मान नही प्राप्त कर सकता। डाॅ लक्ष्मी रस्तोगी ने सभी का आभार व्यक्त किया।



