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सोनी सब के शो ‘इत्ती सी खुशी’ में गरिमा कौशल की ध्रुवी के रूप में एंट्री लाई उम्मीद की किरण; पर्सी कैफे को बचाने के लिए अन्विता के साथ मिलाया हाथ

मुंबई : सोनी सब का शो ‘इत्ती सी खुशी’ अन्विता (सुंबुल तौकीर खान) के सफर को दिखाता है, जो संजय (ऋषि सक्सेना) की बढ़ती असुरक्षा और विराट (रजत वर्मा) के पुराने प्रभाव के बीच फँसी हुई है। विराट के शक्तिशाली पिता राजनाथ वर्मा (फारुख सईद) के शामिल होने से स्थिति और जटिल हो गई है, जिससे अन्विता को ऐसे कठिन विकल्प चुनने पड़ रहे हैं, जो उसकी ताकत और रिश्तों की परीक्षा ले रहे हैं।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, ड्रामा तब गहरा जाता है, जब पर्सी कैफे का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। ठीक उसी समय जब अन्विता कैफे लॉन्च करने के अपने सपने को पूरा करने के करीब होती है, जिंदगी उसके सामने एक अप्रत्याशित चुनौती पेश करती है। विराट वापस तो लौटता है, लेकिन उस इंसान के रूप में नहीं, जिसे अन्विता कभी जानती थी। बदला हुआ, कड़वाहट से भरा और भावनात्मक रूप से विरक्त हो चुका विराट, अन्विता पर आरोप लगाता है कि उसने उसे अपने पिता की तरह एक संवेदनहीन व्यक्ति बना दिया है। खुद को कैफे का असली मालिक घोषित करते हुए, विराट अन्विता को परिसर खाली करने का आदेश देता है और एक आधुनिक इमारत बनाने के लिए इसे तोड़ने की अपनी योजना का खुलासा करता है। यादों, गर्मजोशी और कम्युनिटी के प्रतीक इस स्थान को छोड़ने से इनकार करते हुए, अन्विता पर्सी कैफे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करती है। जब सारी उम्मीदें खत्म होती दिखती हैं, तब विरासत और सामुदायिक स्थानों को संरक्षित करने में विश्वास रखने वाली ध्रुवी (गरिमा कौशल) कदम बढ़ाती है और अन्विता को अपना समर्थन देती है। एक साझा विजन के साथ ध्रुवी और अन्विता हर मुश्किल के खिलाफ लड़ने और पर्सी कैफे की गरिमा को बचाने के लिए हाथ मिलाती हैं।
क्या अन्विता ध्रुवी के सहयोग से पर्सी कैफे को बचाने में सफल होगी या फिर विराट की क्रूर योजनाएँ जीत जाएँगी?
ध्रुवी की भूमिका निभा रहीं गरिमा कौशल ने कहा, “जैसे ही मैंने ध्रुवी के किरदार के बारे में सुना और उसकी विचारधारा को समझा, मुझे तुरंत उससे जुड़ाव महसूस हुआ। मुझे ध्रुवी के बारे में जो सबसे ज्यादा पसंद है, वह यह है कि वह खुद से कहीं बड़ी चीज के लिए खड़ी होती है। वह केवल अन्विता का समर्थन करने के लिए कहानी में प्रवेश नहीं कर रही है, बल्कि वह एक विश्वास के साथ आती है। व्यक्तिगत रूप से, मैंने हमेशा उन स्थानों की रक्षा करने में विश्वास किया है, जो लोगों को एक साथ लाते हैं, चाहे वह प्रकृति हो, कला हो या कहानियों और भावनाओं से भरी जगहें। इसलिए ध्रुवी का किरदार निभाना मुझे बहुत सहज लगा। अन्विता के साथ खड़े होने का उसका फैसला इसी भावना और साहस से आता है और मुझे लगता है कि दर्शक उससे जुड़ाव महसूस करेंगे।”
अन्विता की भूमिका निभाने वाली सुंबुल तौकीर खान ने साझा किया, “कहानी का यह चरण मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि यह उस चीज़ के लिए खड़े होने की बात करता है जो वास्तव में मायने रखती है, भले ही परिस्थितियाँ आपके खिलाफ हों। मुझे लगता है कि हम में से कई लोगों के जीवन में कुछ ऐसा होता है, जो बहुत व्यक्तिगत महसूस होता है, जिसके लिए हम लड़ेंगे, चाहे स्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो जाए। पर्सी कैफे को बचाने की अन्विता की लड़ाई भावनाओं, लचीलेपन और विश्वास से प्रेरित है और मुझे लगता है कि कई दर्शक इससे जुड़ाव महसूस करेंगे।”

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